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'ऑपरेशन सिंदूर' की बरसी पर पूर्व DGMO का बड़ा बयान, कहा- 'पाकिस्तान ने लगाई थी कार्रवाई रोकने की गुहार'

 Reported By: Manish Prasad, Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : May 07, 2026 02:45 pm IST,  Updated : May 07, 2026 02:45 pm IST

ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर पूर्व DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि पाकिस्तान ने कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई थी। ऑपरेशन में 11 एयरफील्ड और 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीतिक और आत्मनिर्भर सैन्य क्षमता का बड़ा उदाहरण बताया।

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पूर्व DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई। Image Source : ANI

जयपुर: ऑपरेशन सिंदूर की पहली सालगिरह पर पूर्व DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने इसे भारत की रणनीतिक यात्रा का निर्णायक पल बताया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव था। लेफ्टिनेंट जनरल घई ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के 11 एयरफिल्ड और 9 बड़े आतंकवादी कैंपों को निशाना बनाया गया और भारी नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने किसी भी मिलिट्री एसेट को नुकसान नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने ही उस समय कार्रवाई रोकने के लिए गुहार लगाई थी।

'ऑपरेशन ने दिखाया आत्मनिर्भर भारत केवल नारा नहीं'

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान 9 स्टैंडऑफ प्रिसिजन स्ट्राइक की गईं, जिनमें 7 भारतीय सेना और 2 भारतीय वायुसेना द्वारा अंजाम दी गईं। उन्होंने ऑपरेशन की सफलता में स्वदेशी रक्षा उपकरणों, ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और निगरानी प्रणालियों की अहम भूमिका बताई। उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन ने दिखाया कि आत्मनिर्भर भारत केवल नारा नहीं, बल्कि ताकत बढ़ाने वाला हथियार है। ऑपरेशन में जमीन, हवा और समुद्र सभी क्षेत्रों की क्षमताओं का संयुक्त इस्तेमाल हुआ।'

'असहाय होकर पाकिस्तान ने की थी रुकने की अपील'

पूर्व DGMO ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान खुफिया एजेंसियां, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, सीमा सुरक्षा बल और अन्य संगठन पूरी तरह समन्वयित रहे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस दौरान इतना असहाय हो गया कि उसने भारत से 'रुकने' का अनुरोध किया। लेफ्टिनेंट जनरल घई ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करना और भविष्य की हरकतों को रोकना था।  उन्होंने कहा, 'यह अभियान पूरी तरह से नियंत्रित, सटीक और जिम्मेदार ढंग से अंजाम दिया गया। ऑपरेशन सिंदूर एक शुरुआत थी, अंत नहीं। भारत अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और लोगों की रक्षा हर हाल में करता रहेगा।'

'ऑपरेशन सिंदूर' में ढेर हुए थे 100 से ज्यादा आतंकी

'ऑपरेशन सिंदूर' में पाकिस्तान और POK में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के प्रमुख आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी ढेर हुए थे। पाकिस्तान की ओर से ड्रोन, मिसाइल और तोपों से हमला हुआ, लेकिन भारत ने करारा जवाब देते हुए रडार और अन्य सैन्य ठिकानों को जवाबी कार्रवाई में ध्वस्त कर दिया। 10 मई को पाकिस्तान के DGMO ने भारत से संपर्क कर संघर्ष समाप्त करने पर सहमति जताई। लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अब वैश्विक स्तर पर सैन्य और रणनीतिक योजना का 'गोल्ड स्टैंडर्ड' माना जा रहा है।

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