दुबई: ईरान द्वारा ब्रिटेन और अमेरिका के बेस पर मिसाइल हमला किए जाने से इजरायल बौखला गया है। इजरायल और अमेरिका को अब ईरान की मिसाइल क्षमताओं का बखूबी एहसास होने लगा है। ईरान की मिसाइलें अभी कितना दूरी तय कर सकती हैं, इस बारे में किसी को कोई सटीक जानकारी नहीं है। मगर अमेरिका कई बार आशंका जता चुका है कि तेहरान के पास वाशिंगटन तक मार करने वाली मिसाइलें हैं। डिएगो गार्सिया एयर बेस पर ईरान के हमले के बाद इजरायल ने तेहरान पर हमले बढ़ाने की धमकी दी है।
ईरान पर तेज होंगे हमले
इज़रायल के रक्षा मंत्री इजराइल कार्ट्ज ने शनिवार को कहा कि ईरान के खिलाफ हमलों में आने वाले दिनों में बढ़ोत्तरी होगी। वहीं ब्रिटेन ने भी ईरान द्वारा हिंद महासागर में यूके-यूएस के संयुक्त बेस को निशाना बनाए जाने की निंदा की। ईरान से डिएगो गार्सिया एयर बेस लगभग 4,000 किलोमीटर दूर स्थित है। इस हमले से संकेत मिलता है कि तेहरान के पास अधिक दूर तक जाने वाली मिसाइलों का भंडार है।
इजरायल और अमेरिका ने जवाब में नतान्ज को बनाया निशाना
ईरान द्वारा यूएस-यूके के बेस पर मिसाइल हमले के बाद इजरायल और अमेरिका ने शनिवार को तेहरान के नतांज़ परमाणु संवर्धन सुविधा पर हवाई हमला किया। आधिकारिक ईरानी समाचार एजेंसी ने रिपोर्ट किया कि इससे कोई रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं हुआ। इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने एक वीडियो बयान में कहा कि अगले सप्ताह, इज़रायल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरान की सत्ताधारी थियॉक्रेसी के खिलाफ "हमलों की तीव्रता" "काफी बढ़ जाएगी"। उन्होंने यह बातें तब कही जब एक ईरानी मिसाइल के टुकड़े तेल अवीव के पास एक खाली किंडरगार्टन में गिरे। इज़रायली सेना के प्रवक्ता नदाव शोशानी ने X पर किंडरगार्टन भवन का वीडियो पोस्ट किया; उस समय जगह खाली होने के कारण कोई हताहत नहीं हुआ।
मध्य-पूर्व में अमेरिका खत्म करेगा अभियान
मिडिल-ईस्ट से लेकर गार्सिया तक ईरानी मिसाइलों का तांडव देखने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वे मध्य पूर्व में सैन्य अभियानों को "समाप्त करने" पर विचार कर रहे हैं। हालांकि उनके इन बयानों में विरोधाभास दिखता है, क्योंकि अमेरिका ने हिंद महासागर क्षेत्र में तीन और एम्फिबियस असॉल्ट शिप और लगभग 2,500 अतिरिक्त मरीन भेज रहा है। ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट ईरान की दुनिया भर में मनोरंजन और पर्यटन स्थलों पर हमले की धमकी के बाद आया। इधर युद्ध के चलते तेल की कीमतों में एक और उछाल से यूएस शेयर बाजार गिर गया, और उसके बाद ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की कि ईरानी तेल पर प्रतिबंध हटा रहा है जो पहले से जहाजों पर लदा हुआ है, जो बढ़ती ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने का प्रयास है।