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मार्को रुबियो और PM शहबाज शरीफ के बीच हुई बात, पाकिस्तान ने अलापा शांति का राग

 Published : Jun 27, 2025 01:09 pm IST,  Updated : Jun 27, 2025 01:09 pm IST

इजरायल और ईरान के बीच जंग थमने के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बात की है। बातचीत के दौरान पीएम शरीफ ने शांति की बात कही है।

US Secretary of State Marco Rubio (R) Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif (L)- India TV Hindi
US Secretary of State Marco Rubio (R) Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif (L) Image Source : AP

इस्लामाबाद: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को क्षेत्र में शांति व स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। रुबियो ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी शरीफ से बात की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा, “दोनों नेताओं ने इजरायल और ईरान के बीच स्थायी शांति को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने के महत्व को स्वीकार किया।” 

'शांति के लिए अपनी भूमिका निभाता रहेगा पाकिस्तान'

पाकिस्तान सरकार की ओर से एक बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने “पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने, विशेष रूप से व्यापार बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहने पर सहमति व्यक्त की।” बयान के अनुसार, पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए शरीफ ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति स्थापित करने में रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा। 

शरीफ ने की ट्रंप की प्रशंसा

पाकिस्तान सरकार के बयान में कहा गया है कि पीएम शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “साहसी और निर्णायक नेतृत्व की भी प्रशंसा की, जिसके कारण ईरान और इजरायल के बीच युद्ध विराम हुआ।” बयान के अनुसार, उन्होंने भारत-पाक संघर्ष विराम में अमेरिका की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए रुबियो को धन्यवाद भी दिया। 

ट्रंप ने की थी मुनीर से मुलाकात

गौरतलब है कि, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की थी। इस दौरान ट्रंप ने ईरान के बारे में चर्चा की और कहा कि पाकिस्तान अन्य देशों की तुलना में इस बारे में बेहतर जानता है। वाशिंगटन में पाकिस्तान के दूतावास का एक हिस्सा संयुक्त राज्य अमेरिका में ईरान के हितों का प्रतिनिधित्व करता है, क्योंकि तेहरान के अमेरिका के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। 

अमेरिका ने किया ईरान पर हमला

ट्रंप से असीम मुनीर की मुलाकात के बाद अमेरिका ने ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला किया था। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में कतर में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया था। पाकिस्तान ने ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों की निंदा भी की थी साथ ही नोबेल शांति पुरस्कार के लिए ट्रंप को नामित भी किया है। 

इजरायल ने ईरान पर क्यों किया हमला?

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, इजरायल एकमात्र ऐसा मध्य पूर्वी देश है जिसके बारे में व्यापक रूप से माना जाता है कि उसके पास परमाणु हथियार हैं। इजरायल की ओर से कहा गया है कि ईरान के खिलाफ उसके युद्ध का उद्देश्य तेहरान को अपने परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है। ईरान परमाणु अप्रसार संधि का एक पक्ष है जबकि इजरायल नहीं है। (भाषा)

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