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90 दिन में बलूचिस्तान छोड़े चीन, नहीं तो हमले को रहे तैयार', BLA ने 'ड्रैगन' को दी चेतावनी

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Aug 14, 2023 02:47 pm IST,  Updated : Aug 14, 2023 02:47 pm IST

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में चीन द्वारा किए जा रहे कार्योंपर बलूचिस्तान के लोगों में काफी रोष है। इसी बीच बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने चीन को चेतावनी दी है कि वह 90 दिनों के अंदर बलूचिस्तान को छोड़ दें नहीं तो अंजाम भुगतने को तैयार रहें।

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90 दिन में बलूचिस्तान छोड़े चीन, नहीं तो हमले को रहे तैयार', BLA ने 'ड्रैगन' को दी चेतावनी Image Source : FILE

Pakistan News:पाकिस्तान के बलूचिस्तान में चीनी इंजीनियरों के काफिले पर जानलेवा हमले के बाद जैसे तैसे 23 चीनी कर्मचारियों की जाान बची। इसी बीच पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जहां चीन द्वाराप बड़े पैमाने पर कंस्ट्रक्शन का काम किया जा रहा है। इस संबंध में ताकतवर चीन को पाकिस्तान की बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी यानी बीएलए की ओर से एक ऐसा अल्टीमेटम दिया गया है, जिसने चीन की नींद उड़ा दी है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की ओर से चीन को धमकी दी गई है कि अगर 90 दिनों के भीतर वह बलूचिस्तान से बाहर नहीं निकला तो अपने प्रमुख ठिकानों पर हमले के लिए उसे तैयार रहना होगा। बीएलए ने रविवार को ही चीनी नागरिकों पर हमला किया था। 

गौरतलब है कि बीएलए ने बलूचिस्तान के ग्वादर पोर्ट जा रहे 23 चीनी नागरिक के काफिले पर हमला किया। चीनी इंजीनियरों पर इस घातक हमले के बाद चीन में हड़कंप मच गया। ऐसा माना गया कि चीन फिर पाकिस्तान को कड़ी नसीहत देते हुए अपने कर्मचारियों को पाक छोड़ने का निर्देश दे सकता है। बता दें कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा दोनों देशों के बीच की सबसे महत्वापूर्ण योजना है। इसके अतिरिक्त पाकिस्तान में चीनी कंपनियों के कई अन्य प्रोजेक्ट भी चल रहे हैं। चीन पाकिस्तान को आर्थिक गुलाम बनाने और भारत पर नैतिक दबाव बनाने के इरादे से पाक में रुपये का निवेश कर रहा है। चीनी इंजीनियर्स के काफिले में तीन एसयूवी कारें और एक वैन शामिल थीं। बीएलए की माजिद ब्रिगेड़ के दो लड़ाकों ने काफिले पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। बीएलए ने यहां तक दावा किया कि इस हमले में 13 लोग मारे गए हैं, मरने वालों में चार चीनी नागरिक भी हैं। चीन ने भी हमले की बात को स्वीकार किया। 

कैसे दिया हमले को अंजाम?

'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, बीएलए के प्रवक्ता जियांद बलोच ने चीनी इंजीनियर्स पर हुए हमले की जानकारी दी। उसने बताया कि हमले को किस तरह और कहां अंजाम दिया गया। उसका कहना है कि इस हमले में चार चीनी 4 नागरिक और 9 पाकिस्तानी सेना के जवान मारे गए। बीएलए प्रवक्ता ने बताया कि सुबह के वक्त दो लड़ाकों ने चीनी काफिले पर ग्रेनेड से हमला किया और फिर लगभग आधे घंटे तक उस पर गोलियां बरसाईं।

90 दिन में बलूचिस्तान छोड़े चीन

इसी बीच बीएलए के बयान में चीन को कड़ा और साफ मैसेज दिया गया है। इसमें बलूचिस्तान को को एक 'कब्जे' वाली जगह बताया गया है। बलूचिस्तान में चल रहे चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडर (CPEC) जैसे चीन के प्रोजेक्ट्स को लेकर भी नाराजगी जताई गई है। बलूच लोगों का मानना है कि चीन उनके यहां मौजूद खनिजों की लूट मचा रहा है। पाकिस्तान का ये हिस्सा बहुमूल्य खनिजों से भरा हुआ है। बीएलए ने चीन को बलूचिस्तान छोड़कर जाने के लिए 90 दिनों का अल्टीमेटम दिया और कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करता है, तो अपने प्रोजेक्ट्स पर हमले के लिए तैयार रहना होगा।

सीपीईसी और बीआरआई का विरोध करता है भारत

भारत शुरू से ही चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) का विरोध करता रहा है। इसके अलावा चीन पाकिस्तान में बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) पर भी काम कर रहा है। पाकिस्तान में चीन का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इसे चीन पीओके से ले जा रहा है। इस वजह से भारत ने सीपीईसी के साथ बीआरआई का भी कड़ा प्रतिरोध जता चुका है। मगर चीन मानने को तैयार नहीं है। चीन बीआरआई के जरिये भारत की पाकिस्तान से लगी सीमा तक अपनी पहुंच बढ़ाना चाहता है। 

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