Pakistan Occupied Kashmir Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जनता भड़क गई है। यहां हालात पूरी तरह से बेकाबू नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि पाकिस्तानी फौज आम लोगों पर फायरिंग कर रही है। गोलीबारी के बीच भी लोग पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। मुनीर आर्मी की ओर से की गई फायरिंग मे 2 लोगों की मौत हो गई है और कम से कम 22 लोग घायल हुए हैं। लोगों के गुस्से की सबसे बड़ी वजह बेतहाशा बढ़ रही महंगाई है। जनता पाकिस्तानी हुक्मरानों के अत्याचार से तंग आकर अब बगावत पर उतर आई है। अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं।
भारी संख्या में सड़कों पर उतरे लोग
पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर में हजारों की संख्या लोग सड़कों पर उतरे हैं। विरोध प्रदर्शन ने आम जनजीवन पूरी तरह से ठप पड़ गया है। दुकानें बंद हैं, सड़कें अवरुद्ध हैं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर रोक लगा दी गई है। अवामी एक्शन कमेटी के कॉल पर मुजफ्फराबाद से कोटली तक भारी संख्या में प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों में जुटे हैं। प्रदर्शन में शामिल हुए लोग इंसाफ और हक के नारे लगा रहे हैं।
अवामी एक्शन कमेटी को मिल रहा लोगों का समर्थन
बता दें कि, अवामी एक्शन कमेटी एक नागरिक गठबंधन है जिसने हाल के महीनों में खासी लोकप्रियता मिली है। इस संगठन से बड़ी संख्या में युवा जुड़े हैं। यह संगठन 38 सूत्रीय चार्टर संरचनात्मक सुधारों की मांग करता है, जिसमें पाकिस्तान में रहने वाले कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित PoK विधानसभा में 12 विधायी सीटों को समाप्त करना शामिल है। अन्य मांगों में सब्सिडी वाला आटा, मंगला जलविद्युत परियोजना से जुड़ी उचित बिजली दरें और इस्लामाबाद की ओर से वादा किए गए लंबे समय से रुके सुधारों को जमीन पर लागू करना शामिल है।
'पीओके को कॉलोनी मानती है सरकार'
मुजफ्फराबाद में लोगों को संबोधित करते हुए अवामी एक्शन कमेटी के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर ने घोषणा की कि हमारा संघर्ष 1947 से हमें अस्वीकार किए गए बुनियादी अधिकारों के लिए है। पाकिस्तान सरकार पीओके को एक कॉलोनी की तरह मानती है, ना कि समान अधिकारों वाले अभिन्न अंग के रूप में।
पाकिस्तानी सरकार क्या कर रही है?
पीओके में हो रहे प्रदर्शनों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हालात को देखते हुए पाकिस्तानी सरकार ने इन प्रदर्शन को दबाने पर उतारू नजर आ रही है। कई इलाकों में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की है। इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है। इस्लामाबाद से अतिरिक् फोर्स मंगाई गई है। मुजफ्फराबाद जैसे शहरों में एंट्री और एग्जिट वाले रास्तों पर अवरोधक लगा दिए गए हैं।
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