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गरीबी में पाकिस्तान का आटा गीला! ऐसे हो गया 1.41 लाख करोड़ का व्यापार घाटा

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Nov 07, 2026 02:59 pm IST,  Updated : Nov 07, 2026 02:59 pm IST

पाकिस्तान ने जुलाई से अक्टूबर के बीच 26 अरब डॉलर का सामान इम्पोर्ट किया, जबकि एक्सपोर्ट से महज 11.4 अरब डॉलर मिले। इम्पोर्ट के मुकाबले एक्सपोर्ट की धीमी स्पीड से व्यापार घाटा 16 प्रतिशत बढ़कर 14.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

pakistan trade deficit- India TV Hindi
पाकिस्तान को व्यापार घाटे का झटका लगा है। Image Source : AP (फाइल फोटो)

पाकिस्तान का व्यापार घाटा करंट फाइनेंशियल ईयर के पहले 4 महीनों के दौरान 16 फीसदी बढ़कर करीब 15 अरब अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 1.41 लाख करोड़ भारतीय रुपये हो गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि इस दौरान Export Growth में निरंतर सुस्ती के बीच इम्पोर्ट 26 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। न्यूजपेपर 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने शुक्रवार को पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो यानी PBS के हवाले से बताया कि जुलाई से अक्टूबर के बीच इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट के बीच का अंतर बढ़कर 14.6 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले में 16 फीसदी ज्यादा है।

4 महीने में इम्पोर्ट 2.9 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ गया

ऑफिशियल आंकड़ों के मुताबिक, पहले 4 महीने में इम्पोर्ट 2.9 अरब अमेरिकी डॉलर या 12.5 फीसदी बढ़कर 26 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय बैंक ने एनर्जी इम्पोर्ट बिल बढ़ने की वजह से इम्पोर्ट के बढ़कर 71 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया है।

जुलाई से अक्टूबर के दौरान 8.5 प्रतिशत बढ़ा एक्सपोर्ट

PBS ने कहा कि जुलाई से अक्टूबर के दौरान कुल एक्सपोर्ट 11.4 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले में 8.5 फीसदी ज्यादा है। करंट फाइनेंशियल ईयर के लिए पाकिस्तानी सरकार ने अधिकतर बड़े निर्यातकों को सस्ते लोन उपलब्ध कराने के लिए बजट में 88 अरब पाकिस्तानी रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया है।

Devaluation के बाद भी पाकिस्तान को नहीं हुआ फायदा

एक्सपोर्ट हर महीने 2.5 अरब अमेरिकी डॉलर से 3 अरब अमेरिकी डॉलर के आसपास बना हुआ है, और 1 डॉलर के मुकाबले 100 पाकिस्तानी रुपये का Devaluation भी इसे कोई बड़ा प्रोत्साहन नहीं दे सका। केंद्रीय बैंक के मुताबिक, शुक्रवार को 1 डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया एक पैसे मजबूत होकर 276.66 पाकिस्तानी रुपये पर था।

अपने ही अफसरों पर रक्षा मंत्री ने उठाए सवाल

गौरतलब है कि पाकिस्तान में बीते लंबे वक्त से आर्थिक हालात खराब चल रहे हैं लेकिन पाकिस्तान में समय-समय पर करप्शन के बड़े मामले उजागर होते रहते हैं। पाकिस्तान की आर्थिक हालत की वजह से कई सरकारी अफसरों की तरफ से सेवा में रहते हुए ही विदेश में बसने की प्लानिंग करने का मामला भी कई बार सामने आया है। हाल में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुद ही पाकिस्तान के सीनियर नौकरशाहों की ईमानदारी पर प्रश्न उठा दिए थे।

पाकिस्तानी अफसरों ने यूरोप में बनाया परमानेंट घर

पाकिस्तान के 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान में काबिल और ईमानदार नौकरशाह मौजूद हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षों में कई अफसरों ने कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों को अपना परमानेंट घर बना लिया है।

(इनपुट- भाषा)

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