प्योंगयांग: रूस-यूक्रेन युद्ध पिछले कुछ दिनों से लगातार घातक होता जा रहा है। इस बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शनिवार को उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन से मुलाकात की। यह मुलाकात लावरोव की उत्तर कोरिया यात्रा के दौरान हुई, जो रूस का एक महत्वपूर्ण सामरिक सहयोगी माना जाता है। इस मुलाकात के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध में खतरनाक मोड़ आने की आशंका बढ़ गई है।
रूस-उत्तर कोरिया के गठजोड़ पर अमेरिका की नजर
रूस और उत्तर कोरिया के गठजोड़ पर अमेरिका की पैनी नजर है। इसकी वजह रूस और उत्तर कोरिया के बीच गुप्त सैन्य समझौता है। एक ऐसे ही समझौते के तहत अमेरिका ने करीब 1 साल पहले उत्तर कोरिया की तरफ से रूस की तरफ से जंग लड़ने का दावा किया था। हालांकि उत्तर कोरिया ने इस दावे को भ्रामक बताया। मॉस्को टाइम्स के अनुसार रूसी विदेश मंत्रालय ने टेलीग्राम चैनल पर जानकारी साझा करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें लावरोव और किम जोंग-उन हाथ मिलाते और गले मिलते नजर आ रहे हैं। यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच राजनयिक और सैन्य संबंधों में तेजी से गहराई आ रही है।
क्यों अहम है मुलकात?
रूसी और उत्तर कोरियाई मीडिया के अनुसार, लावरोव रविवार तक उत्तर कोरिया में रुकेंगे। यह यात्रा रूस और उत्तर कोरिया के बीच लगातार हो रही उच्च स्तरीय बैठकों की श्रृंखला का हिस्सा है, जो खासकर यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में और महत्वपूर्ण हो गई है।
यूक्रेन युद्ध में खुला समर्थन
रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, लावरोव ने कहा कि उत्तर कोरियाई अधिकारियों ने यूक्रेन में रूस के अभियान के सभी लक्ष्यों के लिए अपना पूर्ण समर्थन दोहराया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि लावरोव ने रूस की ओर से लड़ रहे "वीर" उत्तर कोरियाई सैनिकों को धन्यवाद दिया। उत्तर कोरिया ने अप्रैल 2024 में पहली बार स्वीकार किया था कि उसने हजारों सैनिकों को रूस के कुर्स्क क्षेत्र में तैनात किया है ताकि यूक्रेनी बलों को खदेड़ा जा सके। इसके अलावा, उसने तोप के गोले और मिसाइलें भी रूस को प्रदान की हैं।
अन्य उच्च स्तरीय मुलाकातें
शनिवार को ही लावरोव ने उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चोई सोन हुई से पूर्वी तटीय शहर वोंसान में मुलाकात की, जहां हाल ही में एक विशाल रिसॉर्ट खोला गया है। गौरतलब है कि रूसी सुरक्षा प्रमुख सर्गेई शोइगु ने भी इस साल कई बार प्योंगयांग का दौरा किया है।
रक्षा समझौता और आपसी गारंटी
रूस और उत्तर कोरिया दोनों पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का भारी बोझ है। बावजूद दोनों देशों ने पिछले वर्ष एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें आपसी रक्षा की धाराएं भी शामिल हैं। यह समझौता राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की उत्तर कोरिया यात्रा के दौरान हुआ था, जो दोनों देशों के बीच एक असामान्य और रणनीतिक मेलजोल का प्रतीक था। उत्तर कोरियाई मीडिया में हाल के महीनों में कफन में लिपटे अपने सैनिकों के ताबूतों के सामने श्रद्धांजलि देते किम जोंग-उन की तस्वीरें भी दिखायी गई हैं जो रूस की ओर से यूक्रेन में लड़ते हुए मारे गए। यह यात्रा रूस और उत्तर कोरिया के बीच मजबूत होते सामरिक रिश्तों और यूक्रेन संकट में उत्तर कोरिया की खुली भूमिका को उजागर करती है।