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दक्षिण गाजा में मारे गए 29 और फिलिस्तीनी, नेतन्याहू ने कहा-हमारा लक्ष्य हमास का सफाया और बंधकों की रिहाई

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Aug 07, 2025 07:08 pm IST,  Updated : Aug 07, 2025 10:18 pm IST

गाजा में इजरायली सेना लगातार हमले कर रही है। इस दौरान गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि इजरायल जानबूझकर वितरण केंद्रों पर भोजन देने के लिए बुलाकर फिलिस्तीनियों की हत्या कर रहा है।

इजरायल के हमले में तबाह दक्षिणी गाजा - India TV Hindi
इजरायल के हमले में तबाह दक्षिणी गाजा Image Source : PTI

तेल अवीव: दक्षिणी गाजा में बृहस्पतिवार को इजरायली सेना के हवाई हमलों और गोलीबारी में कम से कम 29 फिलिस्तीनियों की मौत हुई है। स्थानीय अस्पतालों के अनुसार, दक्षिणी शहर खान यूनिस में स्थित नासिर अस्पताल ने बताया कि मरने वालों में 12 लोग ऐसे थे जो एक अमेरिकी-इज़रायली समर्थित निजी ठेकेदार की सहायता वितरण साइट के पास सहायता लेने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेरा टारगेट हमास का सफाया है।

नेतन्याहू बोले हमारा लक्ष्य गाजा पर कब्जा नहीं

बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका उद्देश्य गाजा पट्टी पर कब्जा जमाना या उसे इजरायल में मिलाना नहीं है, बल्कि हमास को पूरी तरह नष्ट करना और बंधकों को सुरक्षित वापस लाना है। उन्होंने कहा कि इजरायल इस युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करना चाहता है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम गाजा को एक गैर-सैन्यीकृत क्षेत्र बनाना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि जमीन पर कब्जा करना।”

कम से कम 50 लोग घायल हुए

बताया जा रहा है कि इज़रायली सेना के इस हमले में कम से कम 50 लोग घायल हुए हैं। हालांकि गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन ने अभी तक हमले या गोलीबारी पर कोई टिप्पणी नहीं दी है। जबकि इज़रायली सेना ने आरोप लगाया है कि हामास नागरिक क्षेत्रों में अपनी गतिविधियों को अंजाम देता है।

सेना और नेतन्याहू में मतभेद

इज़रायल के सेना प्रमुख जनरल एयाल ज़मीर ने चेतावनी दी है कि यह अभियान बंधकों के लिए खतरा बन सकता है और पहले से ही थकी हुई इज़रायली सेना पर अतिरिक्त दबाव डालेगा। इज़रायली मीडिया इसे सेना और नेतन्याहू के बीच मतभेद के रूप में देख रही है। इसके अलावा बंधकों के परिवारों और सामान्य नागरिकों ने भी नेतन्याहू की इस योजना का विरोध किया है।

बंधक परिवारों का संदेश

बंधकों के परिवारों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से नेतन्याहू पर दबाव डालने की अपील की। ताकि युद्ध रोका जा सके और उनके प्रियजनों की जान बचाई जा सके।

फिलिस्तीनी कार्यकर्ता का शव लौटाया

इज़रायली अधिकारियों ने एक फिलिस्तीनी कार्यकर्ता औदा अल हथलीन का शव उसके परिवार को लौटा दिया। हथलीन की कथित तौर पर एक चरमपंथी इज़रायली बस्तिवासी द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस फैसले के खिलाफ बेदुइन महिलाओं ने भूख हड़ताल शुरू की थी। 
हथलीन "नो अदर लैंड" नामक ऑस्कर विजेता डॉक्यूमेंट्री के सहयोगी थे।

मानवाधिकार संगठनों की आलोचना

ह्यूमन राइट्स वॉच ने दो फिलिस्तीनी स्कूलों पर इज़रायली हमलों की जांच के बाद दुनिया भर की सरकारों से इज़रायल को हथियारों की आपूर्ति रोकने की मांग की है। डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) ने कहा कि गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन के खाद्य वितरण स्थल “मदद नहीं, बल्कि मौत बांटी जा रही है।” MSF ने बताया कि 850 से अधिक मौतें गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन साइट्स के पास हुई हैं। (एपी)

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