इजरायल-हमास युद्ध में फिलिस्तीनियों की मौत का आंकड़ा अब 69 हजार के पार पहुंच गया है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को इसकी पुष्टि की है। वहीं इजरायल ने हमास को 15 और बंधक फिलिस्तीनियों के शव लौटाए हैं।
हमास ने शनिवार को इजरायल को 2 और बंधकों के शव सौंप दिए हैं। इस बीच अमेरिका ने हमास द्वारा फिलिस्तीनी नागरिकों पर हमले की योजना बनाए जाने का दावा किया है।
इजरायल-हमास में शुक्रवार की दोपहर से युद्धविराम लागू हो जाने के बाद गाजा के खंडहरों में उम्मीदों का नया सुबेरा हो गया है, जहां आशाओं के नए फूल खिलने लगे हैं। हजारों फिलिस्तीनी अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं।
Israel again launches major air attack on Gaza 40 Palestinians killed Amid Trump peace plan
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना के बीच इजरायल ने हमास को निशाना बनाते हुए बुधवार को फिर हमला कर दिया। गाजा पर हुए इस हवाई हमले में 16 लोग मारे गए हैं।
इजरायल और गाजा के बीच जारी संघर्ष को लेकर इटली में बड़ा प्रदर्शन शुरू हो गया है। इटली के रोम और मिलान शहर में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। इस कारण ट्रेनें रोकी गई हैं और पोर्ट बंद किए गए हैं।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना नहीं होगी। उनका ये बयान ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया द्वारा फिलिस्तीन को मान्यता देने के बाद आया है।
गाजा में हमले तेज होता देख सहायता समूहों ने चेतावनी दी है कि जबरन पलायन मानवीय संकट को और बढ़ाएगा। उन्होंने संघर्षविराम की मांग की है ताकि सहायता सामग्री ज़रूरतमंदों तक पहुंच सके।
इजरायल की सेना ने गाजा सिटी में हमले तेज कर दिए हैं, जिससे हजारों फिलिस्तीनी घर छोड़कर भाग रहे हैं। अब तक 65,000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। गाजा की 90% आबादी बेघर है।
फिलिस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने के मैक्रों के संकेत के बाद फ्रांस और इजरायल में ठन गई है। दोनों देश एक दूसरे पर आक्रामक हो रहे हैं।
गाजा में इजरायली सेना लगातार हमले कर रही है। इस दौरान गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि इजरायल जानबूझकर वितरण केंद्रों पर भोजन देने के लिए बुलाकर फिलिस्तीनियों की हत्या कर रहा है।
गाजा में भोजन वितरण केंद्र पर बीते 24 घंटे में 91 लोग मारे गए हैं। गाजा इजरायल पर इन हत्याओं का आरोप लगाता रहा है। सही परिस्थितियों का पता लगाने ट्रंप के दूत गाजा पहुंचे हैं।
इजरायली सेना के हमले में भोजन लेने जा रहे 32 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। लोगों का आरोप है कि जानबूझकर इजरायली सेना फिलिस्तीनियों को मार रही है।
गाजा संघर्ष विराम की शर्तें नहीं मानने से इजरायली सेना और अधिक हमलावर हो गई है। शनिवार को रात भर गाजा पर किए गए इजरायली हमले में कम से कम 110 लोग मारे गए हैं। अलजजीरा टीवी के अनुसार इस हमले से गाजा में बड़ी तबाही हुई है।
गाजा पट्टी में रविवार को सहायता वितरण स्थल पर भोजन का इंतजार कर रही भीड़ पर फिर हमला हुआ है। इस हमले में 31 फिलिस्तीनियों की जान चली गई। वहीं, 170 लोग घायल हो गए हैं। घायलों को नजदीकी खान यूनिस के नासिर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गाजा पट्टी में भोजन की तलाश में जा रहे 30 लोगों को खाने-पीने का सामान तो नसीब नहीं हुआ, लेकिन उन्हें मौत जरूर मिल गई। रफह में हुई ये घटनाएं गाजा में चल रहे मानवीय संकट और संघर्ष की गंभीरता को दर्शाती हैं, जहां नागरिकों की सुरक्षा और सहायता वितरण पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने लीबिया में गाजा से 10 लाख फिलिस्तीनियों को बसाने का प्लान बनाया है। इस प्लान के खुलासे के बाद से मानवाधिकार समूहों और संयुक्त राष्ट्र ने इसे ट्रंप की कूटनीति करार दिया है।
वेस्ट बैंक क्षेत्र में फिलिस्तीनियों ने भारतीय श्रमिकों को बंधक बना लिया और भारतीय पासपोर्ट ले लिया। इसके बाद उन्होंने पासपोर्ट का इस्तेमाल सीमा चौकी को पार करके इजरायल में घुसने के लिए किया।
हमास ने शनिवार को पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की धमकी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बर्बाद कर देने की चेतावनी के बाद 3 अन्य इजरायली बंधकों को भी रिहा कर दिया है।
हमास के साथ हुए युद्ध विराम समझौते के बाद इजरायल की ओर से पहली बार बड़ा कदम उठाया गया है। इजरायल ने गाजा के उत्तरी क्षेत्र में फलस्तीनियों को लौटने की इजाजत दे दी है। युद्ध के दौरान गाजा का उत्तरी क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
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