Dwidwadash Yog: मार्च के माह में 15 तारीख को सूर्य ग्रह राशि बदलेंगे। सूर्य का गोचर कुंभ राशि से मीन में होगा। मीन राशि में बैठे सूर्य मंगल से द्वितीय भाव में होंगे क्योंकि मंगल कुंभ राशि में होंगे। वहीं मंगल ग्रह की स्थिति सूर्य के द्वादश भाव में होगी। मंगल-सूर्य के एक दूसरे से दूसरे और द्वादश भाव में होने से 15 मार्च को द्विद्वादश योग का निर्माण होगा। इस योग के बनने से किन राशियों को जीवन में प्रतिकूल प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है, आइए जानते हैं।
कन्या राशि
आपके लिए सूर्य-मंगल का द्विद्वादश योग प्रतिकूल प्रभाव देने वाला साबित हो सकता है। आपके वैवाहिक संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकता है, जीवनसाथी के साथ वार्तालाप के दौरान शब्दों का इस्तेमाल सोच-समझकर करना आपको करना होगा। इस राशि के जातकों को आर्थिक पक्ष को लेकर भी सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। गलत लोगों की संगति से बचकर रहें नहीं तो मान हानि हो सकती है। उपाय के तौर पर आपको सूर्य ग्रह के मंत्रों का जप करना चाहिए।
तुला राशि
इस राशि के विद्यार्थियों की एकाग्रता भंग हो सकती है जिसके कारण शिक्षा जीवन में दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। गुरुजनों का सहयोग लेना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। सूर्य आपके छठे भाव में रहकर शत्रुओं पर आपको विजय तो दिलाएंगे लेकिन पारिवारिक संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकता है। इस राशि के जातकों को माता और माता के पक्ष के लोगों के साथ सावधानीपूर्वक व्यवहार करना चाहिए। करियर से जुड़े बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। उपाय के तौर आपको भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए।
मीन राशि
अत्यधिक निराश और गुस्सा सामाजिक स्तर पर आपकी छवि को खराब कर सकता है, इसलिए सतर्कता से आपको आगे बढ़ना चाहिए। रोजगार की तलाश में लगे लोगों को कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता होगी। किसी पर भी हद से विश्वास करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। सोने-चांदी के आभूषणों को संभालकर रखें चोरी हो सकती है। मानसिक तनाव का सामना भी इस राशि के कुछ जातकों को करना पड़ सकता है। उपाय के तौर पर चंदन का टीका आपको माथे पर लगाना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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