दीर अल बलाह: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना के बीच इजरायल ने हमास को बड़ा झटका दिया है। इस शांति योजना पर हमास का कोई जवाब आते नहीं देखकर इजरायली सेना ने बुधवार को गाजा में बड़ा हमला किया। इस घातक हमले में कम से कम 16 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।
स्थानीय अस्पतालों के पदाधिकारियों ने गाजा पर इजरायल के इस घातक हमले की जानकारी साझा की है। इधर गाजा में शांति स्थापित करने और इजराइल-हमास के बीच युद्ध विराम के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पेश 20-सूत्रीय शांति योजना का प्रस्ताव पेश किया गया है। हालांकि इस पर अबतक हमास ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस बीच इजरायल ने एक बड़ा हमला करके हमास पर दबाव बनाने का प्रयास किया है।
अधिकारियों के मुताबिक इजराइली हमले में मारे गए लोगों में वे भी शामिल हैं, जिन्होंने गाजा शहर में विस्थापितों के लिए बने एक स्कूल में शरण ली थी। अल-अहली अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक, शहर के पूर्वी जितून इलाके में स्थित अल-फलाह स्कूल पर कुछ ही मिनटों के अंतराल पर दो बार हमले हुए। उन्होंने बताया कि हताहतों में पहले हमले के बाद मदद के लिए पहुंचे लोग भी शामिल हैं। अस्पताल ने बताया कि बुधवार सुबह गाजा शहर के पश्चिमी हिस्से में एक पेयजल टैंक के आसपास जमा लोगों पर हुए हमले में पांच फलस्तीनी मारे गए।
कई शिविरों और अपार्टमेंट पर गिरे बम
गाजा सिटी स्थित शिफा अस्पताल ने बताया कि शहर के पश्चिम में स्थित एक अपार्टमेंट पर हुए हमले में मारे गए एक व्यक्ति का शव उसके पास पहुंचाया गया है। अल-अवदा अस्पताल के मुताबिक, मध्य गाजा स्थित नुसरत शरणार्थी शिविर पर भी इजराइली हमले हुए, जिसमें एक दंपति की मौत हो गई। उसने बताया कि बुरेज शरणार्थी शिविर पर एक अन्य हमले में एक और व्यक्ति मारा गया। इजराइली सेना ने बुधवार के हमलों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।(एपी)
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