इजरायल और अमेरिका के हमलों ने ईरान की सत्ता को हिला कर रख दिया है। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई मारे गए। इन हमलों में अली खामेनेई की बेटी, पोती, बहू और दामाद भी मारे गए। अब जानकारी सामने आई है कि अमेरिका और इजरायल के ऑपरेशन में आयतुल्लाह अली खामेनेई कैसे मारे गए?
दरअसल, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने एक साथ तीन बड़े नेताओं की बैठकों का पता लगाया। शनिवार सुबह जानकारी मिली कि खामेनेई और दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकें एक ही समय पर चल रही थीं, इसलिए एजेंसियों ने रात होने का इंतजार नहीं किया और दिन में ही हमला कर दिया। इज़राइल ने खामेनेई के कंपाउंड पर 30 बम गिराए। शनिवार सुबह अली खामेनेई के तेहरान के घर पर हमला हुआ। घर में ऑफिस बने थे। घर के कंपाउंड में खामेनेई मारे गए।
इज़राइल और अमेरिका की खुफिया एजेंसियां इसी मौके का इंतजार कर रही थीं, जिसमें इरान के सुरक्षा सलाहकार अली शामखानी, IRGC कमांडर मोहम्मद पाकपोर और रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह को भी मारे गए।
खुफिया जानकारी में ये भी सामने आया कि तेहरान पहले अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने की सोच रहा था। ऐसे में शनिवार सुबह तक 200 इजराइली लड़ाकू विमानों ने 500 ठिकानों पर हमला किया, जो इज़राइल के इतिहास का सबसे बड़ा हवाई हमला था। इज़राइल ने ईरान की सबसे लोकप्रिय प्रेयर ऐप को भी हैक कर लिया और सशस्त्र बलों को संदेश भेजा।
इन हमलों में ईरानी रक्षा नेतृत्व के 7 वरिष्ठ अधिकारियों को मार गिराया गया। मारे जाने वाले ईरानी रक्षा नेतृत्व के लीडरों में अली शमखानी, मोहम्मद पाकपुर,सालेह असदी, मोहम्मद शिराजी, अजीज नासिरजादेह, हुसैन जबल अमेलियन और रजा मुजफ्फर-निया का नाम है।
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