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Sri Lanka News: गोटाबाया राजपक्षे के घर में मिली सीक्रेट सुरंग! क्या इसी रास्ते हुई थी भागने की कोशिश?

 Reported By: T. Raghavan Written By: Shashi Rai
 Published : Jul 10, 2022 11:40 am IST,  Updated : Jul 10, 2022 11:40 am IST

Sri Lanka News: एक समय श्रीलंका के नेशनल बजट के 70 फीसदी पर इन राजपक्षे भाइयों का सीधा कंट्रोल था। राजपक्षे परिवार पर 5.31 अरब डॉलर यानी 42 हजार करोड़ रुपये अवैध तरीके से देश से बाहर ले जाने का आरोप है।

Gotabaya Rajapaksa- India TV Hindi
Gotabaya Rajapaksa Image Source : TWITTER/@GOTABAYAR

Highlights

  • गोटाबाया राजपक्षे के घर में मिली सीक्रेट सुरंग
  • प्रेसिडेंट के रूम में एक अलमारी के अंदर से सीक्रेट टनल बना हुआ है
  • राजपक्षे परिवार पर 42 हजार करोड़ रुपये अवैध तरीके से देश से बाहर ले जाने का आरोप

Sri Lanka News: श्रीलंका बर्बादी की कगार पर है। एक-एक दाने के लिए इस देश की जनता तरस रही है। यहां तक की अपना पेट पालने के लिए लोग अपना घर-बार छोड़कर दूसरे देश भागने को मजबूर हो गये हैं। हर दिन श्रीलंका से पलायान हो रहा है। इस बीच गुस्साई जनता ने 9 जुलाई को जमकर प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के आधिकारिक आवास पर कब्जा कर लिया, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के निजी आवास के एक हिस्से में आग लगा दी। अब हालात कुछ ऐसे हैं कि राष्ट्रपति किसी अज्ञात स्थान पर फरार हो चुके हैं और 13 जुलाई को इस्तीफा देने की घोषणा कर चुके हैं, जबकि प्रधानमंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 

गोटाबाया राजपक्षे के घर में मिला सीक्रेट टनल

प्रदर्शन के दौरान रिकॉर्ड किए गए कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में दिख रहा है  प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के बेडरूम, लिविंग रूम में घुस गए, स्विमिंग पूल में नहाने लगे। एक और चौंकाने वाली तस्वीर भी लोगों ने अपने मोबाइल पर कैद की है ये तस्वीर है राष्ट्रपति के घर के अंदर बने एक सीक्रेट चैम्बर की, ये सीक्रेट चैंबर एक वार्डरॉब के अंदर से जाता है और कुछ कदम चलने के बाद एक बड़ी लिफ्ट नजर आ रही है जिस शख्स ने ये वीडियो बनाया है वो सिंहला भाषा में ये कहता हुआ नज़र आ रहा है कि, ''देखिए प्रेसिडेंट के रूम में किस तरह एक अलमारी के अंदर से सीक्रेट टनल बना हुआ है और इसके आगे एक लिफ्ट है, शायद प्रभाकरण से बचने के लिए ये सीक्रेट रास्ता यहां बनाया गया है"

पुलिस की फायरिंग से भी नहीं डरे लोग

जब लोग पिछले दरवाजे से राष्ट्रपति भवन के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे, तब सेना ने लोगों को डराने और वहां से भगाने के लिए ताबड़तोड़ फायरिंग की, लेकिन जब लोग वहां से हटने को तैयार नहीं हुए और हजारों की तादात में लोग जमा हो गए तो जवानों को मजबूरन वहां से हटना पड़ा जिसके बाद लोगों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लिया।

राजपक्षे परिवार पर 42 हजार करोड़ हड़पने का आरोप

श्रीलंका की जनता पिछले कुछ महीनों से रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों के लिए भी जूझ रही थी। जब तेल खत्म हो गया, राशन खत्म हो गया, दवाई खत्म हो गई तो आखिरकार जनता को सड़क पर आना पड़ा। श्रीलंका में पब्लिक का यह आक्रोश राजपक्षे परिवार के परिवारवाद के खिलाफ भी है, जो दशकों से अपने ही देश को लूटकर कंगाल किए जा रहा था। अप्रैल तक श्रीलंका में सरकार में राजपक्षे परिवार के पांच लोग शामिल थे। इनमें राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे, वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे, सिंचाई मंत्री चामल राजपक्षे और खेल मंत्री नामल राजपक्षे। इनमें से गोटबाया को छोड़कर बाकी सब इस्तीफा दे चुके हैं। राजपक्षे परिवार पर 42 हजार करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है। 

नेशनल बजट के 70% पर राजपक्षे भाइयों कंट्रोल रहा 

एक समय श्रीलंका के नेशनल बजट के 70 फीसदी पर इन राजपक्षे भाइयों का सीधा कंट्रोल था। राजपक्षे परिवार पर 5.31 अरब डॉलर यानी 42 हजार करोड़ रुपये अवैध तरीके से देश से बाहर ले जाने का आरोप है। इसमें महिंदा राजपक्षे के करीबी अजित निवार्ड कबराल ने अहम भूमिका निभाई थी, जो सेंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका के गवर्नर थे। 

श्रीलंका की सरकारों ने जमकर कर्ज लिया

पिछले एक दशक के दौरान श्रीलंका की सरकारों ने जमकर कर्ज लिए। लेकिन इसका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया। 2010 के बाद से ही लगातार श्रीलंका का विदेशी कर्ज बढ़ता गया। श्रीलंका ने अपने ज्यादातर कर्ज चीन, जापान और भारत से लिया। 2018 से 2019 तक श्रीलंका के प्रधानमंत्री  रहे रानिल विक्रमसिंघे ने हंबनटोटा पोर्ट को चीन को 99 साल के लिए लीज पर दे दिया था। ऐसा चीन के लोन के पेमेंट के बदले किया गया था। ऐसी नीतियों ने उसके पतन की शुरुआत की। 

एशियन डेवलेपमेंट बैंक जैसे ऑर्गेनाइजेशन का भी पैसा बकाया

इसके अलावा उस पर वर्ल्ड बैंक, एशियन डेवलेपमेंट बैंक जैसे ऑर्गेनाइजेशन का भी पैसा बकाया है। साथ ही उसने इंटरनेशनल मार्केट से भी उधार लिया है। 2019 में एशियन डेवलेपमेंट बैंक ने श्रीलंका को एक 'जुड़वा घाले वाली अर्थव्यवस्था' कहा था। श्रीलंका खाने के सामान, दवाएं और फ्यूल के लिए पुरी तरह इम्पोर्ट पर निर्भर है। ऐसे में विदेशी मुद्रा की कमी की वजह से ये जरूरी चीजें नहीं खरीद पा रहा है।  

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