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मस्जिद को भेजे गए पार्सल में था सूअर का मांस? सिंगापुर के गृह मंत्री ने कहा, 'यह आग से खेलने जैसा'

 Published : Sep 26, 2025 07:56 am IST,  Updated : Sep 26, 2025 08:53 am IST

सिंगापुर की अल-इस्तिकमाह मस्जिद में संदिग्ध पैकेट मिला, जिसमें सूअर का मांस होने का शक है। गृह मंत्री शनमुगम ने इसे भड़काऊ और संवेदनशील मामला बताया। इससे पहले भी मस्जिदों को ऐसे पैकेट भेजे गए थे।

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सिंगापुर के गृह मंत्री के. शनमुगम। Image Source : X.COM/KSHANMUGAM

सिंगापुर: सिंगापुर की अल-इस्तिकमाह मस्जिद में एक संदिग्ध पैकेट मिला है जिसमें 'सूअर का मांस' होने का शक जताया जा रहा है। सिंगापुर के गृह मंत्री के. शनमुगम ने इस बारे में जानकारी देते हुए इसे 'आग से खेलने' जैसा करार दिया, क्योंकि सिंगापुर जैसे बहु-सांस्कृतिक देश में ऐसा करना बहुत संवेदनशील है। मंत्री ने बताया कि यह कोई अकेली घटना नहीं है बल्कि हाल ही में कुछ अन्य मस्जिदों को भी इस तरह के मांस के पैकेट भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है।

'नतीजे बहुत गंभीर हो सकते हैं'

सेरांगून इलाके में स्थित अल-इस्तिकमाह मस्जिद को भेजे गए पैकेट में मांस को देखकर पहली नजर में लगता है कि यह पोर्क यानी कि सूअर का मांस हो सकता है। शनमुगम ने कहा, 'अगर यह वाकई पोर्क है और इसे मस्जिद में भेजा गया है, तो इसके नतीजे बहुत गंभीर हो सकते हैं। यह बहुत खतरनाक हरकत है।' पुलिस अभी इस मांस की जांच कर रही है ताकि इसकी पुष्टि हो सके। लेकिन शनमुगम ने कहा कि चाहे कोई भी मांस भी हो, इसे मस्जिद जैसे पवित्र स्थान पर भेजना 'साफ तौर पर भड़काऊ' है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

मस्जिद में मिला था संदिग्ध पैकेट

बुधवार शाम को सिंगापुर पुलिस को अल-इस्तिकमाह मस्जिद में एक संदिग्ध पैकेट की सूचना मिली। सावधानी के तौर पर सिंगापुर सिविल डिफेंस फोर्स ने मस्जिद को खाली करवाया। एक्सपर्ट्स ने इसकी डिटेक्टर से जांच की, लेकिन कोई खतरनाक चीज नहीं मिली। इस दौरान मस्जिद में एक महिला को सांस लेने में तकलीफ हुई, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई। मंत्री शनमुगम ने बताया कि पुलिस ने मस्जिदों की सुरक्षा बढ़ा दी है और नियमित रूप से वहां का दौरा कर रही है। उन्होंने कहा, 'हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे इबादतगाह सुरक्षित रहें।'

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

बता दें कि सिंगापुर में यह कोई नई बात नहीं है। अप्रैल 2024 में एक 30 साल के शख्स को 12 हफ्तों की जेल हुई थी, क्योंकि उसने सुपरमार्केट से पोर्क के 2डिब्बे चुराए और उन्हें बेदोक नॉर्थ की अल-अंसार मस्जिद के प्रवेश द्वार पर रख दिया था। शनमुगम ने कहा, 'किसी भी इबादतगाह को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। हम ऐसी हरकतों के लिए जीरो टॉलरेंस रखते हैं। लोगों को अपनी आस्था और विश्वास के साथ शांति से इबादत करने का हक है।' मंत्री ने चेतावनी दी कि कुछ देशों में इस तरह की घटनाएं आम हैं, जो जानबूझकर समुदायों के बीच अविश्वास और फूट डालती हैं। उन्होंने कहा, 'अगर हम सावधान न रहे, तो सिंगापुर में भी ऐसा हो सकता है।'

लोगों से शांति बनाए रखने की अपील

अल-इस्तिकमाह मस्जिद के प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। गुरुवार सुबह मस्जिद में नमाज हमेशा की तरह अदा की गई और माहौल शांत रहा। शनमुगम ने बताया कि दूसरे धर्मों के नेताओं और लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। मंत्री ने हाल के कुछ अन्य मामलों का भी जिक्र किया। नवंबर 2024 में सेंट जोसेफ चर्च में एक कैथोलिक पादरी पर चाकू से हमला हुआ था। वहीं, 2020 में एक 16 साल के लड़के को 2 मस्जिदों पर हमले की योजना बनाने के लिए हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा, 'पुलिस खुफिया जानकारी के आधार पर काम करेगी और इबादतगाहों के अपने सुरक्षा इंतजाम भी हैं। हम जनता की सुरक्षा के लिए हर मुमकिन कदम उठाएंगे।'

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