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चीन के ‘खतरनाक’ इरादों की तारीफ महिला को पड़ी भारी, भड़के ताइवान ने उठाया बड़ा कदम

 Published : Mar 26, 2025 08:25 am IST,  Updated : Mar 26, 2025 08:25 am IST

ताइवान ने चीनी इन्फ्लुएंसर लिउ झेन्या को चीन वापस भेज दिया क्योंकि उन्होंने ताइवान पर चीन के कब्जे के इरादे की सराहना की थी। लिउ ने आरोपों से इनकार किया, लेकिन ताइवान में विरोध के बाद वह वापस लौट गईं।

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ताइवान इन दिनों अपनी सैन्य शक्ति को भी मजबूत करने में जुटा हुआ है। Image Source : AP

ताइपे: ताइवान ने मंगलवार को एक चीनी महिला को उसके देश वापस भेज दिया, क्योंकि उसने चीन द्वारा ताइवान पर कब्जे की महत्वाकांक्षाओं की ऑनलाइन सराहना की थी। बता दें कि ताइवान 1949 में हुए एक गृहयुद्ध के बाद चीन से अलग हो गया था, लेकिन बीजिंग आज भी इसे अपना ही एक हिस्सा मानता है।चीन ताइवान को अपने नियंत्रण में लाने के लिए अपनी सेना और मिसाइल फोर्स को बढ़ा रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।

लिउ ने आरोपों से इनकार किया

लिउ झेन्या, जो एक फुल-टाइम इन्फ्लुएंसर हैं और "Yaya in Taiwan" नाम से पोस्ट करती हैं, पर ताइवान में रहने वाले चीनी नागरिकों से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया। जैसा कि आंतरिक मंत्रालय ने कहा, इन नियमों के तहत ऐसे लोग "राष्ट्रीय या सामाजिक स्थिरता के लिए खतरा माने जाते हैं"। चीन जाने से कुछ मिनट पहले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लिउ ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह "ताइवान के कानून का सम्मान करते हुए" जा रही हैं, क्योंकि उनके वकीलों ने उन्हें यही सलाह दी थी।

‘मैंने कुछ गलत नहीं किया है’

लुउ ने कहा, "मैं ऐसा इसलिए नहीं कर रही क्योंकि मैंने कुछ गलत किया है"। ताइवान के राष्ट्रपति विलियम लाई चिंग-ते की मजबूत स्वतंत्रता समर्थक सरकार का यह कदम उन लोगों के खिलाफ एक कड़ा रुख प्रतीत होता है, जो ताइवान के पासपोर्ट या स्थायी निवास रखते हुए चीन की उन योजनाओं का समर्थन करते हैं, जिससे वे ताइवान को अपने नियंत्रण में लाना चाहते हैं। हाल के हफ्तों में, लाई ने बार-बार चेतावनी दी है कि चीन जासूसों और प्रॉपेगैंडा का इस्तेमाल कर रहा है, खासकर इंटरनेट इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से, साथ ही सैन्य धमकियों का भी सहारा ले रहा है।

ताइवान में हुआ लियू का विरोध

बता दें कि इससे पहले लिउ ने ताइवान के सरकारी दफ्तरों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। वह एक इमिग्रेशन अधिकारी से बात करने की कोशिश कर रही थी लेकिन इसमें सफल नहीं हो पाई। लगभग 50 लोगों ने उसकी मौजूदगी का विरोध करते हुए नारेबाजी की और उसे चीन वापस जाने के लिए कहा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद थी और हालात को पूरी तरह नियंत्रण में रखा। ताइवान के अधिकांश लोग चीन की धमकियों के बावजूद उसकी मांगों को नकारते हैं और अपने देश की वास्तविक स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं।

ताइवानी नागरिक है लियू का पति

लिउ ने एक ताइवानी नागरिक से शादी की है और उनके तीन बच्चे हैं। वह अकेले ही विमान में सवार होती हुई दिखाई दीं। इस जोड़े ने अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा नहीं किया है। नियमों के तहत, लिउ को ताइवान के रेसिडेंसी परमिट के लिए फिर से आवेदन करने के लिए 5 साल इंतजार करना होगा। कम से कम 2 और ऐसी चीनी महिलाओं पर जांच की तलवार लटक रही है जिनके पति ताइवान से हैं। ताइवान ने इन दिनों अपनी सुरक्षा को लेकर कई कदम उठाए हैं और वह किसी भी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं है।

ताइवान में 4 लाख चीनी महिलाएं

ताइवान इन दिनों अपनी सैन्य ताकत को भी तेजी से बढ़ा रहा है और देश में ही हाई टेक हथियार बना रहा है। साथ ही हथियारों के मामले में ताइवान को अमेरिका से भी खूब मदद मिलती है। चीन और ताइवान को 180 किलोमीटर चौड़ा ताइवान जलडमरूमध्य अलग करता है। बता दें कि 2.3 करोड़ की आबादी वाले ताइवान में करीब 4 लाख चीनी महिलाएं रह रही हैं। गृह मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा फिलिपींस, इंडोनेशिया और वियतनाम से भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने ताइवान के पुरुषों से शादी की है।

क्यों है चीन-ताइवान में खटास?

चीन और ताइवान के बीच खटास 1949 में हुए गृहयुद्ध से शुरू हुई, जब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने जीत हासिल की और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) की स्थापना की, जबकि ताइवान में राष्ट्रवादी सरकार बनी। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसे अपने नियंत्रण में लाना चाहता है, जबकि ताइवान स्वतंत्र रहना चाहता है। चीन ताइवान पर दबाव बनाने के लिए सैन्य और राजनैतिक उपायों का इस्तेमाल करता है। ताइवान के अधिकांश लोग चीन की दखलंदाजी को नकारते हैं और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा करने के पक्ष में हैं। यह वजह है कि दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं।

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