Sheikh Hasina Death Penalty: इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT) ने 'मानवता के खिलाफ अपराधों' के मामले में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने पर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र ने हसीना के विरुद्ध फैसले को पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया है साथ ही उन्हें मृत्युदंड दिए जाने पर खेद भी जताया है।
पीड़ितों के लिए खास मायने रखता है फैसला
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने एक बयान में कहा कि हसीना और पूर्व गृह मंत्री के खिलाफ न्यायाधिकरण की ओर से सुनाया गया फैसला पीड़ितों के लिए खास मायने रखता है। उन्होंने कहा, "हमें मृत्युदंड लागू करने पर भी खेद है, जिसका हम सभी परिस्थितियों में विरोध करते हैं।"
क्या बोले एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता?
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने प्रेस वार्ता में कहा कि गुटेरेस संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क के इस रुख से पूरी तरह सहमत हैं कि "हम किसी भी परिस्थिति में मृत्युदंड के इस्तेमाल के खिलाफ हैं।" दुजारिक बांग्लादेशी अदालत द्वारा हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाए जाने पर महासचिव की प्रतिक्रिया से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे जिस दौरान उन्होंने ये बात कही।
हसीना की अनुपस्थिति में सुनाई गई सजा
बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने सोमवार को हसीना को पिछले वर्ष जुलाई में उनकी सरकार के खिलाफ व्यापक प्रदर्शनों के दौरान किए गए मानवता के विरुद्ध अपराधों का दोषी पाया है। पिछले साल 5 अगस्त को बांग्लादेश में अपनी सरकार गिरने के बाद से भारत में रह रही हसीना (78) को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई है। हसीना के सहयोगी और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी मौत की सजा सुनाई गई है।
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