न्यूयॉर्क: अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी ने सोमवार को कहा कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जल्द ही मुलाकात करना चाहते हैं। बता दें कि दोनों नेता राजनीतिक रूप से एक-दूसरे के 'दुश्मन' हैं, फिर भी ममदानी का मानना है कि शहर की सबसे बड़ी समस्याओं यानी कि महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को कम करने के लिए दोनों साथ मिलकर काम कर सकते हैं। ब्रॉन्क्स में एक फूड पैंट्री के दौरे के दौरान ममदानी ने बताया कि उनकी टीम ने व्हाइट हाउस से संपर्क कर मुलाकात का समय तय करने की कोशिश की है। बता दें कि ट्रंप ने रविवार रात फ्लोरिडा से वॉशिंगटन लौटते समय ममदानी से मुलाकात की खबरों पर कहा था, 'हम कुछ न कुछ जरूर कर लेंगे।'
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'राष्ट्रपति ने महंगाई को कम करने का वादा किया था'
ममदानी ने ट्रंप से संभावित मुलाकात पर कहा, 'मैं किसी से भी मिलने को तैयार हूं, अगर उससे न्यूयॉर्क के लोगों का भला हो। राष्ट्रपति ने अपने चुनाव अभियान में किराने के सामान को सस्ता करने और जीवन-यापन की कम लागत का वादा किया था। लेकिन अब उनके प्रशासन के फैसले न्यूयॉर्क वासियों के लिए उलटा असर डाल रहे हैं।' न्यूयॉर्क के भावी मेयर ने ट्रंप प्रशासन की उस कोशिश की आलोचना की जिसमें सरकारी शटडाउन के दौरान खाद्य सहायता कार्यक्रम ‘स्नैप’ के लिए फंडिंग घटाने की बात की गई थी। उन्होंने कहा, 'हम न्यूयॉर्क वासियों को उस संघीय प्रशासन से बचाएंगे जो शहर के लोगों को भूखा रखना चाहता है, उनकी सेवा करना नहीं।'
ट्रंप के खिलाफ प्रतिरोध का बड़ा चेहरा बने ममदानी
दोनों नेताओं के बीच यह संभावित मुलाकात एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है। ट्रंप ने चुनाव के दौरान कई बार ममदानी को 'कम्युनिस्ट' कहा था और चेतावनी दी थी कि अगर ममदानी जीते तो न्यूयॉर्क बर्बाद हो जाएगा। ट्रंप ने ममदानी को देश निकाला देने और फंडिंग रोकने की धमकी भी दी थी। ममदानी का जन्म युगांडा में हुआ था और वह 2018 में अमेरिकी नागरिक बने थे। पिछले कुछ ही महीनों में 34 साल के जोहरान ममदानी ट्रंप के खिलाफ प्रतिरोध का बड़ा चेहरा बन गए हैं। उन्होंने जून में डेमोक्रेटिक प्राइमरी में पूर्व गवर्नर एंड्रयू क्यूमो को हराया और फिर मेयर चुनाव में क्यूमो व रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा को भारी अंतर से मात दी।
न्यूयॉर्क को 'ट्रंप-प्रूफ' बनाने की बात कर रहे ममदानी
जीत के बाद अपने भाषण में ममदानी ने कहा था कि न्यूयॉर्क पूरे देश को दिखाएगा कि ट्रंप को कैसे हराया जाता है। वह जनवरी में पद संभालते ही शहर को 'ट्रंप-प्रूफ' बनाने की बात कर रहे हैं, यानी ट्रंप सरकार के नुकसानदेह फैसलों से शहर को बचाना। फिर भी ममदानी बार-बार कहते रहे हैं, 'अगर राष्ट्रपति भी न्यूयॉर्क वासियों के हित में कोई कदम उठाना चाहें तो मैं तैयार हूं।' दोनों नेताओं की यह मुलाकात कब और कहां होगी, अभी यह साफ नहीं है, लेकिन दोनों पक्षों ने इसके लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।