हल्दी एक ऐसा मसाला जो सभी भारतीय घरों के रसोई में आसानी से देखने के लिए मिल जाता है। लेकिन क्या आप हल्दी के औषधीय गुणों से परिचित हैं? वैसे तो इसकी प्रसिद्धि भारत के बाहर अन्य देशों में भी समान रूप से हो गई है लेकिन आज भी लोगों की जिज्ञासा इस बात को लेकर बनी हुई है कि कैंसर में हल्दी कितनी फायदेमंद है और इसका सही तरीके से कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानते हैं कैंसर में हल्दी कितनी उपयोगी साबित हो सकती है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा (आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ) के अनुसार हल्दी के वास्तविक गुणों को जानना और उसका सही इस्तेमाल करना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
हल्दी में क्या है खास?
हल्दी में मुख्य रूप से करक्यूमिन नामक तत्व मौजूद होता है। कई शोधों के बाद वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि इस करक्यूमिन में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। जिसकी वजह से शरीर में किसी प्रकार की सूजन में राहत मिलता है। हल्दी के सेवन से कैंसर के दौरान कोशिकाओं को जो नुकसान होता है उसमें कमी आती है और यह हर्ब फ्री रेडिकल्स से लड़ने में भी मदद करता है।
कैंसर में हल्दी कैसे काम करती है?
- हल्दी में जो करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है उसके कई लाभ हैं।
- इसके सेवन से कैंसर कोशिकाओं का विकास कम हो जाता है।
- कैंसर के दौरान शरीर में सूजन की समस्या भी होती है, जिसे हल्दी कम कर सकता है।
- कीमोथेरेपी के दौरान जो हानिकारक किरणें निकलती है उसके असर को भी हल्दी कम करने में मदद कर सकता है।
आपको यह बात विशेष रूप से समझनी होगी कि कैंसर एक जानलेवा बीमारी है इसलिए किसी तरह की लापरवाही ठीक नहीं है हल्दी आपके उपचार को सपोर्ट करने के लिए है न कि यह कैंसर का इलाज है इसलिए डॉक्टर से संपर्क करना बहुत जरूरी है।
हल्दी का सही इस्तेमाल कैसे करें?
हल्दी का भरपूर लाभ उठाने के लिए आपको इसके इस्तेमाल का सही तरीका पता होना चाहिए
काली मिर्च के साथ
हल्दी आप शरीर में आसानी से अवशोषित हो जाए इसलिए आपको पाइपेरिन की आवश्यकता होती है। आप हल्दी को काली मिर्च के साथ मिलाकर खाते हैं तो इसके पोषक तत्व आपके शरीर द्वारा अच्छे से अवशोषित कर लिए जाते हैं।
वसा के साथ खाएं
हल्दी वसा के साथ आसानी से घुल मिल जाता है, जिसे विज्ञान की भाषा में फैट-सॉल्युबल भी कहते हैं। इसलिए आप इसके भरपूर लाभ के लिए हल्दी को घी, नारियल तेल या दूध के साथ भी पी सकते हैं।
हल्दी वाला दूध
ज्यादातर भारतीय घरों में रात में सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीने की परंपरा है। इस लोकप्रिय ड्रिंक को बनाने के लिए आप आधा चम्मच हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च को एक गिलास गुनगुने दूध में मिलाएं और पी जाएं।
किन बातों का रखें ध्यान?
- कैंसर एक भयंकर बीमारी है इसलिए बेहतर यही होगा कि इसका खुद करने की बजाए किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें और उनके बताए नियमों का पालन करें।
- जब आप हल्दी का अत्यधिक सेवन करते हैं तब पेट की समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है इसलिए सीमित मात्रा में ही इसका इस्तेमाल करें।
- कई बार दवाओं के साथ इसकी प्रतिक्रिया भी हो सकती है जो आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है इसलिए डॉक्टर से परामर्श करके ही इसका सेवन करें।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)