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हाईवे घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, छापेमारी में निकला नोटों का ढेर; करोड़ों में कैश बरामद

 Reported By: Atul Bhatia, Edited By: Malaika Imam
 Published : Feb 09, 2026 10:43 pm IST,  Updated : Feb 09, 2026 10:50 pm IST

ईडी ने ट्रांस-अरुणाचल हाईवे मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अरुणाचल प्रदेश और असम के 6 दुर्गम ठिकानों पर छापेमारी की। PMLA के तहत की गई इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में फैले इस बड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग की जड़ों तक पहुंचना है।

ईडी की रेड में 2.62 करोड़ कैश बरामद- India TV Hindi
ईडी की रेड में 2.62 करोड़ कैश बरामद Image Source : REPORTER INPUT

प्रवर्तन निदेशालय (ED), ईटानगर ने ट्रांस-अरुणाचल हाईवे जमीन मुआवजा घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में 6 फरवरी 2026 को अरुणाचल प्रदेश और असम में 6 जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई।

ईडी के अनुसार, जिन छह ठिकानों पर छापेमारी की गई, उनमें चार स्थान ईटानगर और आस-पास के क्षेत्रों में, एक लिखाबाली (डिब्रूगढ़ के पास) और एक आलों (मेचुका–चीन सीमा के समीप) स्थित है। ये सभी स्थान दुर्गम, पहाड़ी और सीमावर्ती संवेदनशील क्षेत्रों में हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य राज्य में फैले इस बड़े घोटाले की जड़ों तक पहुंचना था।

2.62 करोड़ रुपये नकद जब्त, बैंक खाते फ्रीज

छापेमारी के दौरान ED ने कुल 2.62 करोड़ रुपये नकद बरामद किए। इनमें से 2.40 करोड़ रुपये लिखाबा माज (निजी लाभार्थी और मामले की मुख्य कड़ी) के आवास से और 22 लाख रुपये तदार बाबिन (निजी लाभार्थी) के घर से जब्त किए गए। इसके अलावा, ईडी ने तदार बाबिन और भारत लिंगू (पूर्व DLRSO, जीरो) के बैंक खातों में जमा करीब 1.77 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए।

बरामद कैश
Image Source : REPORTER INPUTबरामद कैश

अवैध संपत्ति खरीद से जुड़े दस्तावेज मिले

ED को केमो लोल्लेन (पूर्व डिप्टी कमिश्नर, जीरो) और उनके परिवार, भारत लिंगू, टोको ताजे (जूनियर इंजीनियर, PWD) और लिखाबा सोनी (निजी लाभार्थी) के ठिकानों से कई अहम दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि जमीन मुआवजा राशि का इस्तेमाल अवैध रूप से संपत्तियां खरीदने में किया गया।

ईडी कार्रवाई में बरामद कैश
Image Source : REPORTER INPUTईडी कार्रवाई में बरामद कैश

पहले भी करोड़ों रुपये की संपत्ति फ्रीज

इससे पहले की जांच में ED ने करीब 3.95 करोड़ रुपये के बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) फ्रीज किए थे। ये खाते कबाक भट्ट (जूनियर इंजीनियर, PWD) और M/s T & G Enterprises से जुड़े पाए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि सरकारी मुआवजा राशि से बिना अनुमति लगभग 175 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट बनाई गईं। इन एफडी से अर्जित ब्याज में से करीब 2.79 करोड़ रुपये का दुरुपयोग किया गया। वहीं, एफडी का 21.57 लाख रुपये ब्याज सीधे कबाक भट्ट के निजी खाते में ट्रांसफर किया गया।

विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल

ED ने कबाक भट्ट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में PMLA के तहत विशेष अदालत में चार्जशीट (प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट) भी दाखिल कर दी है।

ट्रांस-अरुणाचल हाईवे घोटाला
Image Source : REPORTER INPUTट्रांस-अरुणाचल हाईवे घोटाला

ट्रांस-अरुणाचल हाईवे परियोजना से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला ट्रांस-अरुणाचल हाईवे (पोटिन–बोपी, 0 से 157.70 किमी) सड़क परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण में दिए गए मुआवजे से जुड़ा है। इस सड़क परियोजना को याचुली, जीरो और रागा सेक्टर में विभाजित किया गया था। शुरुआत में परियोजना के लिए 289.40 करोड़ रुपये मुआवजा प्रस्तावित किया गया था, जिसे बाद में घटाकर 188 करोड़ रुपये कर दिया गया। इसके बावजूद भुगतान प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की गईं, जिससे निजी व्यक्तियों को अवैध लाभ पहुंचाया गया।

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने उजागर की गड़बड़ियां

राज्य सरकार की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट में सामने आया कि याचुली सेक्टर में जहां 38.18 करोड़ रुपये का मुआवजा बनता था, वहां 66.25 करोड़ रुपये वितरित कर दिए गए। यानी करीब 28 करोड़ रुपये अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसी तरह जीरो और रागा सेक्टर में भी भारी वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। कुल मिलाकर इस घोटाले से सरकार को लगभग 44.98 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

अरुणाचल प्रदेश और असम में 6 जगहों पर छापेमारी
Image Source : REPORTER INPUTअरुणाचल प्रदेश और असम में 6 जगहों पर छापेमारी

फर्जी लाभार्थी और रिश्वतखोरी के सबूत

ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी लाभार्थी बनाए गए, सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर की गई। मुआवजा राशि को गलत खातों और एफडी में डालकर निजी लोगों तक पहुंचाया गया। कई मामलों में सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने और बाद में उस पैसे को अलग-अलग तरीकों से घुमाने (लेयरिंग) के सबूत भी मिले हैं। फिलहाल, इस मामले में ईडी की जांच जारी है।

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