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क्या ईरान में मंडरा रहा है बड़ा खतरा? ट्रंप के हमले की धमकी के बीच खमेनेई ने पहली बार तोड़ी 37 साल पुरानी परंपरा

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Feb 09, 2026 04:03 pm IST,  Updated : Feb 09, 2026 04:11 pm IST

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने वायुसेना कमांडरों के साथ होने वाली वार्षिक बैठक में शामिल न होकर अपनी 37 साल पुरानी परंपरा को तोड़ दिया है। खामेनेई ने 1989 में नेतृत्व संभालने के बाद से हर साल इस वार्षिक बैठक में हिस्सा लिया है।

आयतुल्लाह अली खमेनेई- India TV Hindi
आयतुल्लाह अली खमेनेई Image Source : PTI

तेहरान: खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित सैन्य कार्रवाई की धमकियों के बीच ईरान से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खमेनेई ने पिछले 37 वर्षों से चली आ रही एक अहम परंपरा को तोड़ दिया है। 1989 में नेतृत्व संभालने के बाद यह पहली बार है, जब खमेनेई वायुसेना कमांडरों के साथ होने वाली अपनी वार्षिक बैठक में शामिल नहीं हुए।

क्यों खास है 8 फरवरी का दिन?

ईरान में 8 फरवरी का दिन ऐतिहासिक महत्व रखता है। इसी दिन 1979 में वायुसेना के अधिकारियों ने इस्लामी क्रांति के संस्थापक रुहोल्ला खमेनी के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ ली थी, जिससे पहलवी वंश के पतन की राह प्रशस्त हुई थी। खमेनेई ने 1989 से हर साल इस बैठक की अध्यक्षता की है। यहां तक कि COVID-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने यह परंपरा नहीं तोड़ी थी। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, इस रविवार को खमेनेई की जगह सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ, अब्दुलरहीम मौसावी ने वायुसेना कमांडरों से मुलाकात की।

तनाव के पीछे की मुख्य वजहें

खमेनेई का सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाना उनकी सुरक्षा और क्षेत्र में बढ़ते युद्ध के खतरों से जुड़ा माना जा रहा है। अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को काफी बढ़ा दिया है। विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन अरब सागर में तैनात है, जबकि जॉर्डन और लाल सागर में एफ-15 लड़ाकू विमान, लड़ाकू ड्रोन और मिसाइल विध्वंसक पोत तैनात किए गए हैं। ईरान केवल अपने परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना चाहता है, जबकि ट्रंप प्रशासन ईरान के मिसाइल शस्त्रागार को भी बातचीत की मेज पर लाने पर अड़ा है। इस गतिरोध ने हवाई हमलों की संभावना को बढ़ा दिया है।

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार युद्ध शुरू हुआ, तो यह पूरे मध्य पूर्व में फैल जाएगा। यह बयान जून 2025 में हुए 12 दिवसीय ईरान-इजरायल युद्ध के बाद पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल के संदर्भ में देखा जा रहा है। ईरानी नेतृत्व की चेतावनी है कि अगर अमेरिका इस बार युद्ध शुरू करता है, तो यह पूरे क्षेत्र में फैल जाएगा।

किसी बड़े खतरे की आशंका?

खमेनेई की अनुपस्थिति को दो नजरियों से देखा जा रहा है। पहला, संभावित अमेरिकी स्ट्राइक या जासूसी के डर से उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर रखा गया हो सकता है। दूसरा ये मुमकिन है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के अति-महत्वपूर्ण मामलों और सैन्य रणनीति बनाने में व्यस्त हों। फिलहाल, खाड़ी में अमेरिकी निगरानी ड्रोन (MQ-4C Triton) और टोही विमानों (P-8 Poseidon) की सक्रियता ने तेहरान की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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