नई दिल्ली: भारत के शीर्ष पर्वतारोही मल्ली मस्तान बाबू एंडीज पर्वत श्रृंखला में मृत पाए गए हैं। उनके दोस्तों ने शनिवार को यह जानकारी दी। मस्तान बाबू एंडीज पर्वत श्रृंखला में पर्वतारोहण के दौरान 24 मार्च से लापता थे। आंध्र प्रदेश के नेल्लौर निवासी 40 वर्षीय मस्तान बाबू का शव कथित तौर पर चिली में पहाड़ी पर मिला।
मस्तान बाबू इस यात्रा के लिए 16 दिसंबर को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर स्थित अपने घर से निकले थे। उन्होंने अर्जेटीना की ओर से 24 मार्च को पर्वतारोहण अभियान शुरू किया था। उन्हें अगले दिन आधार शिविर वापस लौटना था, लेकिन वे मौसम खराब होने से चोटियों में फंस गए थे।
परिवार, दोस्तों और साथी पर्वतारोहियों द्वारा उनसे संपर्क करने की सभी कोशिशें व्यर्थ साबित हुईं।
तेलंगाना के खम्माम जिले के एक स्कूल में शिक्षक मस्तान बाबू के बड़े भाई मल्ली पेद्दा मस्तानैया ने आईएएनएस को बताया कि उन्हें केंद्र या राज्य सरकार से इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली। उन्होंने बताया, "हमें उनके दोस्त ने बताया कि वह नहीं रहे।"
मस्तानैया ने बताया कि वह सरकार से यह खबर मिलने का इंतजार कर रहे हैं कि बाबू का शव कब स्वदेश आएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने शनिवार को ट्विटर पर लिखा, "आपकी आत्मा को शांति मिले मल्ली मस्तान बाबू। उनके मित्रों और परिवार के साथ मिलकर हम इस मुश्किल घड़ी में अगले कदम पर अजेर्ंटीना और चिली के अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं।"
मस्तान बाबू दुनिया में 'सबसे तेजी से सात चोटियों को फतह करने वाले' पर्वतारोही थे। वर्ष 2006 में उन्होंने172 दिनों के पर्वतारोहण के दौरान प्रत्येक माह के सप्ताह के सातों दिन पर्वतारोहण कर सात चोटियां फतह की थीं।
वह अंटाकार्टिका की सर्वाधिक ऊंची चोटी माउंट विंसन मैसिफ को फतह करने वाले पहले भारतीय और एवरेस्ट फतह करने वाले आंध्र प्रदेश के पहले व्यक्ति थे।
बाबू भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर और आईआईएम-कोलकाता के पूर्व छात्र थे।