1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. शुरुआत में आधार में कई दिक्कतें थीं, अब सब कुछ सुलझ चुका है: नीलेकणि

शुरुआत में आधार में कई दिक्कतें थीं, अब सब कुछ सुलझ चुका है: नीलेकणि

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 25, 2019 08:56 am IST,  Updated : Jan 25, 2019 08:56 am IST

नंदन नीलेकणि ने गुरुवार को कहा कि आधार जब शुरू हुआ था तो उसमें तमाम तरह की दिक्कतें आई थीं, लेकिन अब सब सही हो चुका है।

Faced lot of unknowns when Aadhaar work began, all issues resolved now, says Nandan Nilekani- India TV Hindi
Faced lot of unknowns when Aadhaar work began, all issues resolved now, says Nandan Nilekani | PTI

दावोस: इन्फोसिस के अध्यक्ष और आधार कार्ड की परिकल्पना करने वाले नंदन नीलेकणि ने गुरुवार को कहा कि आधार जब शुरू हुआ था तो उसमें तमाम तरह की दिक्कतें आई थीं, लेकिन अब सब सही हो चुका है। नीलेकणि ने कहा कि इस अनूठे राष्ट्रीय पहचान पत्र परियोजना की शुरुआत में तमाम दिक्कतें आई थीं, लेकिन अब सब कुछ सुलझ चुका है। 

उन्होंने कहा कि आधार कोई आंकड़े जुटाने का साधन नहीं है। बल्कि यह न्यूनतम आंकड़ों/सूचनाओं का प्रयोग कर दो प्रमुख आवश्यकताओं को पूरा करता है, जिसमें एक है बुनियादी और विशिष्ट पहचान-पत्र प्रदान करना और दूसरा यह सुनिश्चित करना है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। यहां विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 2019 में 'डिजिटल दुनिया में पहचान' विषय पर आयोजित एक सत्र में उन्होंने यह बात कही।

उन्होंने कहा, ‘भारतीय पहचान-पत्र प्रणाली को आधार कहा जाता है, जिसका अर्थ है नींव/बुनियाद और यह विचार 2006 में आया। इसके कई कारण थे, जिनमें नौकरी के लिए शहरों में जाने वाले लोग, बच्चों के जन्म का रिकॉर्ड नहीं होना और और जिनके पास बुनियादी दस्तावेज नहीं हैं ऐसे लोगों को मुख्यधारा में लाना।’

नीलेकणि ने कहा कि लेकिन जैसे ही सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं के लिए अधिक से अधिक धन खर्च करना शुरू किया, उसे एहसास हुआ कि बहुत सारा पैसा रास्ते में ही बर्बाद हो जा रहा है और फिर यह सोचा कि डिजिटल आईडी से लाभकारी योजनाओं को सही लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Europe से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश