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आर्थिक बदहाली ने पाकिस्तान को बना दिया कंगाल, 1 वर्ष में ही इतनी अधिक बढ़ गई गरीबों की संख्या

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Sep 23, 2023 06:03 pm IST,  Updated : Sep 23, 2023 06:03 pm IST

पाकिस्तान बुरी तरह गरीबी और भुखमरी के चंगुल में फंस चुका है। 1 वर्ष के दौरान विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार 39.4 फीसदी गरीब बढ़ गए हैं। पाकिस्तान की कुल जनसंख्या 23 करोड़ है और इनमें से 9.5 करोड़ लोग गरीबी में जी रहे हैं। इससे पाकिस्तान की बदहाली का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

पाकिस्तान में भूख के मारे लोग।- India TV Hindi
पाकिस्तान में भूख के मारे लोग। Image Source : AP

भारत समेत दुनिया भर में आतंकवादी देश की छवि बना चुका पाकिस्तान भूख से मर रहा है। गरीबी और बेरोजगारी ने पाकिस्तान का हाल बुरा बना दिया है। आर्थिक तंगी से देश पूरी तरह कंगाल हो चुका है। पाकिस्तान को भीख का कटोरा लेकर दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। डंवाडोल हुई अर्थव्यवस्था ने पिछले 1 वर्ष में पाकिस्तान की हवा निकाल दी है।  विश्व बैंक ने कहा है कि पिछले वित्त वर्ष में पाकिस्तान में गरीबी बढ़कर 39.4 प्रतिशत हो गई है। यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं। आंकड़ों के अनुसार खराब आर्थिक हालात के कारण पाकिस्तान में 1.25 करोड़ से अधिक नए लोग इसकी चपेट में आए हैं।

विश्व बैंक ने कहा है कि वित्तीय स्थिरता हासिल करने के लिए पाकिस्तान को तत्काल कदम उठाने होंगे। अन्यथा अब उसे बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता। पाकिस्तान में लोगों को दो वक्त की रोटी भी नहीं नसीब हो रही है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में पाकिस्तान में रोटी, दाल, चावल और आटा के लिए भटकते लोगों और कहीं भोजन के लिए झड़प करते लोगों की तस्वीर उसकी बदहाली को बयां करती है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की एक खबर के अनुसार वाशिंगटन स्थित ऋणदाता ने शुक्रवार को एक मसौदा नीति का अनावरण किया। इसे पाकिस्तान की अगली सरकार के लिए सभी हितधारकों की मदद से तैयार किया है।

पाकिस्तान में कितने बढ़े गरीब

विश्व बैंक के अनुसार पाकिस्तान में गरीबी एक साल के भीतर 34.2 प्रतिशत से बढ़कर 39.4 प्रतिशत हो गई है। इसके साथ ही 1.25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से नीचे आ गए हैं। पाकिस्तान में 3.65 अमेरिकी डॉलर प्रतिदिन के आय स्तर को गरीबी रेखा माना जाता है। मसौदा नीति में कहा गया कि लगभग 9.5 करोड़ पाकिस्तानी अब गरीबी में रहते हैं। जबकि उसकी कुल जनसंख्या 23 करोड़ के करीब है। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि पाकिस्तान में गरीबी किस कदर हावी है। पाकिस्तान के लिए विश्व बैंक के प्रमुख अर्थशास्त्री टोबियास हक ने कहा कि पाकिस्तान का आर्थिक मॉडल अब गरीबी कम नहीं कर रहा है और समकक्ष देशों के मुकाबले यहां जीवन स्तर घट रहा है। विश्व बैंक ने कृषि और रियल एस्टेट पर कर लगाने तथा बेकार के खर्च में कटौती करने का आग्रह किया है। (भाषा)

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