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जर्मनी के सांसद का बड़ा बयान, "ऑपरेशन सिंदूर था बेहद सफल अभियान, हम आतंक के खिलाफ जंग में भारत के साथ"

 Published : Jun 06, 2025 07:12 pm IST,  Updated : Jun 06, 2025 07:12 pm IST

जर्मनी के सांसद गेरोल्ड ओट्टेन ने कहा कि जर्मनी आतंक के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह भारत के साथ है। उन्होंने कहा कि भारत का ऑपरेशन सिंदूर बेहद सफल अभियान था और यह जरूरी था।

जर्मन बुंडेस्टैग (संसद) के सदस्य गेरोल्ड ओट्टेन- India TV Hindi
जर्मन बुंडेस्टैग (संसद) के सदस्य गेरोल्ड ओट्टेन Image Source : ANI

बर्लिन: जर्मनी की संसद बुंडेस्टैग के सदस्य गेरोल्ड ओट्टेन ने भारत के आतंकवाद विरोधी अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' की सराहना की है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर "बेहद सफल और जरूरी" था। आतंकवाद अब सिर्फ किसी एक देश की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह एक वैश्विक चुनौती बन चुका है, जिसके खिलाफ सभी देशों को मिलकर काम करना होगा। गेरोल्ड ओट्टेन ने कहा, “हम आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार के प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं।

आतंक के समर्थकों पर भी कार्रवाई जरूरी

जर्मन सांसद ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक साफ संदेश था कि आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भारत इस खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ आतंकवादी संगठनों पर कार्रवाई ही काफी नहीं है, बल्कि उनके पीछे खड़े समर्थकों और संरक्षकों पर भी अंतरराष्ट्रीय दबाव डालना जरूरी है। “यह सिर्फ भारत की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि जर्मन सरकार और अन्य वैश्विक शक्तियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे उन सरकारों और संस्थाओं पर दबाव बनाएं जो आतंकवाद को परोक्ष या प्रत्यक्ष रूप से समर्थन देती हैं।”

भारत और जर्मनी में मजबूत रिश्ता

ओट्टेन ने बताया कि भारत और जर्मनी के बीच आतंकवाद जैसे मुद्दों पर नियमित रूप से सरकार स्तर पर संवाद और सहयोग होता है। दोनों देशों के बीच एक स्थापित सूचना-साझाकरण प्रणाली भी मौजूद है, जिससे आतंकवाद से जुड़ी खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि जर्मनी के पास एक अत्याधुनिक आतंकवाद विरोधी इकाई है, जिसका नाम GSG 9 है। यह इकाई वैश्विक आतंकवाद से निपटने के लिए जानी जाती है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत और जर्मनी जैसे देश एक-दूसरे के अनुभवों से सीखकर आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीतियों को और मजबूत बना सकते हैं। गेरोल्ड ओट्टेन के इस बयान से स्पष्ट है कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ लगातार समर्थन मिल रहा है, और जर्मनी जैसे राष्ट्र इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

क्या था भारत का ऑपरेशन सिंदूर

कश्मीर के पहलगाम घाटी में 22 अप्रैल को पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस दौरान उन्होंने 26 निर्दोष भारतीयों की धर्म पूछ कर हत्या कर दी थी। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर 6-7 मई की रात स्ट्राइक की। इसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। जवाब में पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। मगर इसके बाद दोबारा भारत ने पाकिस्तान के करीब 19 अहम ठिकानों को ध्वस्त कर दिया, जिसमें पाकिस्तान के एयरबेस और पोर्ट शामिल हैं। इससे घबराए पाकिस्तान ने युद्ध विराम के लिए भारत की शरण में आ गया। 

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