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Covid-19: बाइडन ने कोविड-19 महामारी से जंग में अधिक वैश्विक सहयोग का आह्वान किया

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 04, 2022 10:45 pm IST,  Updated : Feb 04, 2022 10:45 pm IST

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित यह दिवस 4 फरवरी 2019 को अबू धाबी में पोप फ्रांसिस और शेख अहमद अल-तैयब द्वारा हस्ताक्षरित एक ऐतिहासिक दस्तावेज से प्रेरित है, जिसका मकसद अंतरधार्मिक और बहुसांस्कृतिक समझ का उत्सव मनाना है।

US President Joe Biden- India TV Hindi
US President Joe Biden Image Source : AP

Highlights

  • वेटिकन ने अंतरराष्ट्रीय मानव बंधुत्व दिवस के मौके पर बाइडन का एक बयान जारी किया

रोम: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन एक ऐतिहासिक ईसाई-मुस्लिम शांति पहल की दूसरी वर्षगांठ पर कोविड-19 महामारी, जलवायु परिवर्तन व अन्य वैश्विक संकटों से लड़ने के वास्ते अधिक वैश्विक सहयोग का आह्वान करने के लिये शुक्रवार को पोप फ्रांसिस और एक प्रमुख सुन्नी इमाम के साथ शामिल हुए। वेटिकन ने अंतरराष्ट्रीय मानव बंधुत्व दिवस के मौके पर बाइडन का एक बयान जारी किया।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित यह दिवस 4 फरवरी 2019 को अबू धाबी में पोप फ्रांसिस और शेख अहमद अल-तैयब द्वारा हस्ताक्षरित एक ऐतिहासिक दस्तावेज से प्रेरित है, जिसका मकसद अंतरधार्मिक और बहुसांस्कृतिक समझ का उत्सव मनाना है। अल-तैयब काहिरा में सुन्नी शिक्षा से जुड़े अल-अजहर केंद्र के इमाम हैं। दस्तावेज में दुनिया के सामने पेश आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक आपसी समझ और एकजुटता के प्रदर्शन का आह्वान किया गया है।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के समर्थन के साथ, इस पहल के तहत अंतरराष्ट्रीय बंधुत्व के संदेश को फैलाने के लिए एक उच्च-स्तरीय आयोग बनाया गया है। शुक्रवार को दूसरी वर्षगांठ के जश्न में पोप फ्रांसिस का एक वीडियो संदेश शामिल था, जिसका हिब्रू में भी अनुवाद किया गया था। अपने बयान में बाइडन ने कहा, ‘‘बहुत लंबे समय से यह संकीर्ण सोच फल-फूल रही है कि हमारी साझा समृद्धि एक शून्य-राशि का खेल है, यह सोच कि एक व्यक्ति के सफल होने के लिए दूसरे का असफल होना जरूरी है।’’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी सोच ने उन समस्याओं और संघर्षों को जन्म दिया है, जिन्हें हल करना अब किसी एक राष्ट्र या उसके लोगों के बस की बात नहीं है। बाइडन ने कहा, ‘‘सहिष्णुता, समावेश और समझ को बढ़ावा देने के लिए हमें खुले माहौल में एक-दूसरे के साथ बातचीत करने की जरूरत है।’’

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