वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस साल आज के दिन को नेशनल डे ऑफ प्रेयर घोषित करते हुए कहा कि दुनिया भर में अपने धर्म या मान्यताओं के कारण डर के साये में जी रहे या हिंसा का शिकार हो रहे लोगों के साथ अमेरिका निरंतर खड़ा रहेगा। ओबामा ने अपने राष्ट्रपति उद्घोषणा में कहा कि दुनिया में गरीबी, हिंसा और युद्ध इन सभी का भय फैला हुआ है। जिस भय को हम महसूस करते हैं उसके लिए हमारे विश्वास और प्रार्थनाएं कारगर हो सकती हैं, क्योंकि हमें इन हकीकतों से मुकाबला करते हैं।
ओबामा ने कहा हमें नाउम्मीदी से बचाती है प्रार्थना
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईश्वर की इबादत हमें हताशा, निर्बलता या नाउम्मीदी से बचाती है और यह निराशावाद के लिए एक बेहतर विकल्प है। उन्होंने कहा, इबादत के जरिए हमें अपनी गलतियों से सीखने का ग्यान, हमेशा बेहतर करने की प्रेरणा और जो भी सही है उसके लिए खड़े होने का साहस मिलता है, जबकि यह उतना लोकप्रिय भी नहीं है।
नेशनल डे ऑफ प्रेयर को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिया था कानूनी रूप
वर्ष 1952 में नेशनल डे ऑफ प्रेयर की परिकल्पना की गई थी और अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन ने इस पर हस्ताक्षर करके इसे कानूनी रूप दिया था। मई महीने के पहले गुरूवार को नेशनल डे ऑफ प्रेयर के तौर पर घोषित किया जाता है। ओबामा ने कहा, अमेरिका उन सभी लोगों के साथ खड़ा है जिन्हें अपने धर्म या मान्यताओं के कारण डर के साए में जीना पड़ता है या हिंसा का सामना करना पड़ता है।