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चीन के साथ कैसे संबंध चाहते हैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप? विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने बताया

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 24, 2020 02:17 pm IST,  Updated : Sep 24, 2020 02:17 pm IST

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के साथ एक निष्पक्ष और संतुलित संबंध चाहते हैं, जहां एक देश दूसरे देश के लिए अथवा अन्य देशों की आजीविका के लिए खतरा नहीं बने।

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चीन के साथ कैसे संबंध चाहते हैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप? विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने बताया Image Source : AP

वाशिंगटन: अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के साथ एक निष्पक्ष और संतुलित संबंध चाहते हैं, जहां एक देश दूसरे देश के लिए अथवा अन्य देशों की आजीविका के लिए खतरा नहीं बने। विस्कोन्सिन स्टेट कैपिटोल में बुधवार को विस्कोन्सिन के सीनेटर रोगर रोथ के साथ चर्चा के दौरान पोम्पिओ ने कहा कि अमेरिका के पास जो भी रास्ते हैं, उसे उसका इस्तेमाल करना है और इसमें अमेरिका चीन से निष्पक्ष और परस्पर संबधों की मांग कर सकता है।

उन्होंने कहा कि 'राष्ट्रपति चीन के साथ एक निष्पक्ष और संतुलित संबंध चाहते हैं, जहां एक देश दूसरे देश के लिए अथवा अन्य देशों की आजीविका के लिए खतरा नहीं बने।' राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2018 में चीन के साथ व्यापार युद्ध शुरू किया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच संबंध बिगड़ गए। ट्रंप ने चीन से व्यापार घाटे को कम करने के लिए कहा था जो कि 2017 में 375.6 अरब अमेरिकी डॉलर था। 

कोविड-19 महामारी के बाद से चीन और अमेरिका के संबंध और भी बिगड़ गए। ट्रंप बार-बार कोरोना वायरस को 'चीनी वायरस ' बता रहे हैं और उनका कहना है कि चीन इस महामारी से सही तरह से नहीं निपट पाया, हालांकि चीन इस आरोप से इनकार करता रहा है। हाल ही में ट्रंप ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे इसे ''कोरोना वायरस'' न बोलें क्योंकि यह नाम सुनने में इटली में कोई ''खूबसूरत स्थान'' जैसा लगता है।

पेनसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अपने समर्थकों से मंगलवार को कहा था कि अगर वह दोबारा निर्वाचित होते हैं तो अगले चार वर्ष में उनका प्रशासन अमेरिका को उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया का महाशक्ति बना देगा और अमेरिका की ''चीन पर निर्भरता को हमेशा के लिए खत्म कर देगा।'' बता दें कि अमेरिका में तीन नवंबर को राष्ट्रपति पद के चुनाव होने हैं।

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