Highlights
- सरकार ने भारत में यूजरनेम फीचर को अभी रोल आउट करने पर रोक लगा दी है।
- 1 जुलाई को सरकार ने मेटा से इस फीचर को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था।
- वॉट्सऐप के इस फीचर की वजह से डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ सकते हैं।
WhatsApp का यूजरनेम फीचर अभी भारत में रोल आउट नहीं किया जाएगा। सरकार ने मेटा को इसे रोल आउट नहीं करने का निर्देश जारी किया है। पिछले दिनों 1 जुलाई को सरकार ने मेटा से यूजरनेम फीचर को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। सरकार की तरफ से इस फीचर के जरिए साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़ने की आशंका जताई गई थी। मेटा ने इस पर सरकार को अपना जवाब सौंप दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने मेटा से इस फीचर को भारत में अभी रोल आउट करने से मना किया है और कहा है कि जब तक कि इस मामले में कंसल्टेशन प्रक्रिया खत्म नहीं हो जाती, इसे भारतीय यूजर्स के लिए रोल आउट नहीं किया जाए।
क्या है यूजरनेम फीचर?
वॉट्सऐप का यूजरनेम फीचर अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, X आदि के यूजरआईडी की तरह ही काम करेगा। इसमें एक वॉट्सऐप यूजर को दूसरे यूजर के फोन नंबर की जगह यूजरनेम दिखाई देगा। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का कहना है कि इस फीचर के आने के बाद वॉट्सऐप पर किसी से कनेक्ट होने के लिए मोबाइल नंबर की जरूरत नहीं होगी।
खास तौर पर किसी ग्रुप में नए यूजर जोड़ने के लिए मोबाइल नंबर की जगह यूजरनेम का इस्तेमाल किया जाएगा। उस ग्रुप के अन्य मेंबर्स को भी किसी का मोबाइल नंबर नहीं दिखाई देगा। वो एक-दूसरे को इसी यूजरनेम के जरिए कनेक्ट कर पाएंगे।
सरकार ने मांगा था स्पष्टीकरण
सरकार ने इस फीचर के लॉन्च के बाद इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से इसके गलत इस्तेमाल की आशंका को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। मेटा से सरकार ने पूछा कि किया यह फीचर डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों को बढ़ावा नहीं देगा? अपने नोटिस में सरकार ने मेटा से कहा था कि प्लेटफॉर्म को यह भरोसा दिलाना होगा कि यूजरनेम फीचर या अन्य प्रोडक्ट का फ्रॉड या गलत इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। अगर, ऐसे किसी फीचर का गलत इस्तेमाल होता है तो कंपनी को रेगुलेटरी एक्शन के लिए तैयार रहना होगा। सरकार ने मेटा को तीन दिनों में जवाब देने के लिए कहा था।
वहीं, वॉट्सऐप का कहना है कि यूजरनेम फीचर को खास तौर पर यूजर की प्राइवेसी बेहतर करने के लिए लाया गया है न कि प्राइवेसी को कमजोर करने के लिए। कंपनी ने प्लेटफॉर्म के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं, जिनमें किसी और का रूप धरने (impersonation) का पता लगाने वाले सिस्टम, यूजरनेम के जरिए कोई अकाउंट कितने नए लोगों से संपर्क कर सकता है इस पर पाबंदी, बार-बार यूजरनेम का अंदाजा लगाने की कोशिशों से सुरक्षा, और मशहूर हस्तियों, सरकारी संस्थाओं व सेलिब्रिटीज से जुड़े हाई-प्रोफ़ाइल यूजरनेम को रिजर्व रखना आदि शामिल हैं।
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