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'पाकिस्तान के साथ कारोबार के लिए भारत से तोड़ा रिश्ता', अमेरिका के पूर्व NSA ने ट्रंप पर लगाया बड़ा आरोप

 Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Sep 02, 2025 08:40 am IST,  Updated : Sep 02, 2025 08:40 am IST

पूर्व अमेरिकी NSA जेक सुलिवन ने डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगाया है कि उन्होंने भारत के साथ रणनीतिक रिश्तों को नजरअंदाज कर पाकिस्तान से कारोबारी फायदे के लिए समझौते किए। उन्होंने कहा कि ट्रंप परिवार की क्रिप्टो कंपनी ने पाकिस्तान में निवेश किया और भारत पर टैरिफ लगा दिया, जिससे संबंध बिगड़ते चले गए।

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पूर्व अमेरिकी NSA जेक सुलिवन और डोनाल्ड ट्रंप। Image Source : AP

वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी कि NSA जेक सुलिवन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बड़ा आरोप लगाया है। सुलिवन ने कहा है कि ट्रंप ने अपने परिवार के पाकिस्तान के साथ कारोबारी हितों को बढ़ावा देने के लिए भारत के साथ दशकों पुराने रिश्तों को ठुकरा दिया है। यह बयान जो बाइडेन प्रशासन के दौरान NSA रहे सुलिवन ने यूट्यूब चैनल मेदासटच (MeidasTouch) को दिए एक इंटरव्यू में दिया। बता दें कि बीते कुछ दिनों में ट्रंप ने भारत को लेकर कई ऊल-जलूल फैसले लिए हैं जिसके बाद अपने ही देश में उनकी आलोचना शुरू हो गई है।

भारत-अमेरिका रिश्तों को बड़ा नुकसान

सुलिवन ने कहा कि अमेरिका ने कई दशकों तक दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, 'भारत के साथ हमें तकनीक, टैलेंट, अर्थव्यवस्था और कई अन्य क्षेत्रों में साथ काम करना चाहिए, खासकर चीन से रणनीतिक खतरे का मुकाबला करने के लिए।' लेकिन सुलिवन का कहना है कि ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ अपने परिवार के कारोबारी सौदों की वजह से भारत के साथ रिश्तों को 'किनारे कर दिया'। उन्होंने इसे अमेरिका के लिए 'बड़ा रणनीतिक नुकसान' बताया है।

दूसरे देश में सोचने पर हो जाएंगे मजबूर

सुलिवन ने चेतावनी दी कि इस कदम से जर्मनी, जापान और कनाडा जैसे अन्य देश यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि 'कल हमारी बारी हो सकती है।' उन्होंने कहा, 'अगर हमारे दोस्त और दुनिया के अन्य देश यह मानने लगें कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता, तो यह अमेरिकी लोगों के हित में नहीं होगा। हमारा वादा हमारी ताकत होना चाहिए। भारत के साथ जो हो रहा है, उसका असर न सिर्फ हमारे रिश्तों पर पड़ेगा, बल्कि यह दुनिया भर में हमारे सभी साझेदारों के साथ रिश्तों पर भी असर डालेगा।'

ट्रंप का पाकिस्तान के साथ बढ़ता रिश्ता

सुलिवन का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब ट्रंप और पाकिस्तान के बीच रिश्ते तेजी से गहरे हो रहे हैं। अप्रैल 2024 में ट्रंप परिवार से जुड़ी क्रिप्टोकरेंसी कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल (WLF) ने पाकिस्तान क्रिप्टो काउंसिल (PCC) के साथ कई समझौते किए। इन समझौतों का मकसद पाकिस्तान में क्रिप्टो इंडस्ट्री में निवेश और इनोवेशन को बढ़ावा देना था। WLF में ट्रंप और उनके परिवार की 60 फीसदी हिस्सेदारी है, और ट्रंप इस कंपनी के 'चीफ क्रिप्टो एडवोकेट' हैं। इस समझौते के लिए अमेरिका से एक डेलिगेशन पाकिस्तान गया था, जिसमें ट्रंप के खास सहयोगी और मिडिल ईस्ट के लिए स्पेशल एंबेसडर स्टीव विटकॉफ के बेटे जैकरी विटकॉफ शामिल थे।

ट्रंप और आसिम मुनीर की मुलाकात

जून 2024 में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मुलाकात की थी। इस मुलाकात में दोनों ने व्यापार, आर्थिक विकास और क्रिप्टोकरेंसी जैसे मुद्दों पर बात की थी। जुलाई 2024 में ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ एक व्यापार सौदे की घोषणा की और भारत के सामान पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'हमने पाकिस्तान के साथ एक सौदा किया है, जिसके तहत अमेरिका और पाकिस्तान मिलकर उनके विशाल तेल भंडारों को विकसित करेंगे।' पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस 'ऐतिहासिक' सौदे के लिए ट्रंप का शुक्रिया भी अदा किया था।

भारत-पाकिस्तान तनाव और ट्रंप का दावा

यह सब तब हुआ जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की थी। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष को सुलझाने में मदद की, लेकिन सुलिवन ने इसे 'अंडर-रिपोर्टेड' कहानी करार दिया। सुलिवन ने कहा कि भारत के साथ तकनीक और अर्थव्यवस्था में साझेदारी अमेरिका के हित में है, लेकिन ट्रंप के फैसलों ने इसे नुकसान पहुंचाया है। बता दें कि भारत जैसे अहम सहयोगी के साथ रिश्तों को कमजोर करने और पाकिस्तान के साथ कारोबारी हितों को तरजीह देने का आरोप ट्रंप प्रशासन के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

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