Thursday, February 22, 2024
Advertisement

खालिस्तानियों के हितैषी कनाडा समर्थक देशों पर भारत का बड़ा हमला, UNGA में जयशंकर ने कहा-"दुनिया अब भी दोहरे मानकों वाली"

न्यूयॉर्क में UNGA के दौरान भारत ने कनाडा का समर्थन करने वाले देशों को उनका नाम लिए बगैर इस कदर फटकार लगाई है कि जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की रही होगी। एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया अब भी दोहरे मानकों वाली है। हालांकि यह संदेश देते भारत ने कनाडा और खालिस्तानियों का कोई जिक्र नहीं किया।

Dharmendra Kumar Mishra Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Updated on: September 24, 2023 13:20 IST
संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर। - India TV Hindi
Image Source : FILE संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर।

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खालिस्तानी आतंकियों को शरण देने वाले कनाडा समर्थक देशों पर उनका नाम लिए बिना बड़ा हमला बोला है। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच चल रहे भारी तनाव के मद्देनजर कनाडा के समर्थन में बोलने वाले देशों को आइना दिखाते हुए एस.जयशंकर ने कहाकि यह दुनिया अब भी ‘‘दोहरे मानकों’’ वाली है और जो देश प्रभावशाली स्थिति में हैं, वे बदलाव के दबाव का प्रतिरोध कर रहे हैं और जो देश ऐतिहासिक रूप से प्रभावशाली हैं, उन्होंने अपनी कई क्षमताओं का हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।

जयशंकर का इशारा भारत का दुनिया में लगातार बढ़ते कद को लेकर था। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थानीय मिशन, संयुक्त राष्ट्र भारत और रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से ‘ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन’ (ओआरएफ) द्वारा आयोजित ‘दक्षिण का उदय: साझेदारियां, संस्थाएं एवं विचार’ शीर्षक वाले मंत्रिस्तरीय सत्र में बोल रहे थे। बता दें कि कनाडा द्वारा खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया गया है। कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रुडो के आरोपों पर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड जैसे देशों ने आरोप को गंभीर मानते हुए भारत को जांच में सहयोग करने की बात कही है। विदेश मंत्री ने इस मसले का जिक्र किए बिना अप्रत्यक्ष रूप से कनाडा के समर्थक देशों पर हमला बोलते कहा कि जी-20 में भारत ने 125 देशों से बातचीत की थी, यह बात दुनिया को अखर रही है। प्रभावशाली देशों को यह रास नहीं आ रहा। दुनिया के कई देश विभिन्न जगहों पर दोहरे मापदंड रखते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि बदलाव के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति के बजाय राजनीतिक दबाव है। वह बदलाव नहीं देखना चाहते।’’ एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया में इस प्रकार की भावना बढ़ रही है और ‘ग्लोबल साउथ’ एक तरीके से इसे प्रतिबिंबित करता है, लेकिन इसका राजनीतिक प्रतिरोध भी हो रहा है। ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल उन विकासशील और अल्प विकसित देशों के लिए किया जाता है, जो मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं।

प्रभावशाली देश कर रहे बदलाव का विरोध

दुनिया में लगातार बढ़ते भारत के कद के मद्देनजर एस जयशंकर ने कहा, ‘‘जो (देश) प्रभावशाली स्थितियों में हैं, वे बदलाव का प्रतिरोध कर रहे हैं। हम सबसे अधिक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ऐसा देखते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जिनका आज आर्थिक प्रभुत्व है, वे अपनी उत्पादन क्षमताओं का लाभ उठा रहे हैं और जिनका संस्थागत या ऐतिहासिक प्रभाव है, वे भी अपनी कई क्षमताओं का वास्तव में हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।’’ जयशंकर ने कहा, ‘‘वे बातें तो उचित कहेंगे, लेकिन आज भी वास्तविकता यही है कि यह बहुत हद तक दोहरे मानकों वाली दुनिया है।’’ उन्होंने कहा कि स्वयं कोविड इसका एक उदाहरण है। उन्होंने कहा, ‘‘इस संपूर्ण परिवर्तन में एक मायने में स्थिति यह है, जब ग्लोबल साउथ अंतरराष्ट्रीय प्रणाली पर अधिक से अधिक दबाव बना रहा है और ‘ग्लोबल नॉर्थ’ न केवल ‘नॉर्थ’, बल्कि ऐसे कई देश इस बदलाव को रोक रहे हैं, जो स्वयं को ‘नॉर्थ’ का हिस्सा नहीं मानते। ’’ ‘ग्लोबल नॉर्थ’ शब्द का इस्तेमाल विकसित देशों के लिए किया जाता है। इनमें मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका और यूरोप, इजराइल, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं।

भारत ने ग्लोबल साउथ का दुनिया को समझाया महत्व

ग्लोबल साउथ के अगुवा के रूप में भारत ने दुनिया को इसका महत्वप समझाया। जयशंकर ने कहा कि सांस्कृतिक पुनर्संतुलन का वास्तविक अर्थ दुनिया की विविधता को पहचानना, विश्व की विविधता का सम्मान करना और अन्य संस्कृतियों एवं अन्य परंपराओं का सम्मान करना है। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में दिल्ली में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन का जिक्र किया और मोटे अनाज का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ ऐतिहासिक रूप से गेहूं कम और मोटा अनाज अधिक खाता है। जयशंकर ने कहा, ‘‘बाजार के नाम पर बहुत कुछ किया जाता है, जैसे आजादी के नाम पर बहुत कुछ किया जाता है।’’ उन्होंने कहा कि अन्य लोगों की विरासत, परंपरा, संगीत, साहित्य और जीवन जीने के तरीके का सम्मान करना उस बदलाव का हिस्सा है, जिसे ‘ग्लोबल साउथ’ देखना चाहता है।

इस कार्यक्रम को संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज, रिलायंस फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगन्नाथ कुमार, भारत में संयुक्त राष्ट्र के ‘रेजिडेंट समन्वयक’ शोम्बी शार्प और ओआरएफ के अध्यक्ष समीर सरन ने भी संबोधित किया। सरन ने जयशंकर की इस टिप्पणी का जिक्र किया कि ‘‘यूरोप की समस्याएं दुनिया की समस्याएं हैं, लेकिन दुनिया की समस्याएं यूरोप की समस्याएं नहीं हैं।’’ उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि यूरोप के लिए जयशंकर का रुख सख्त है। इसके जवाब में जयशंकर ने कहा, ‘‘नहीं निस्संदेह नहीं।’’

भारत के बढ़ते कद को नहीं पचा पा रही दुनिया

 जयशंकर ने दो टूक कहा कि भारत के बढ़ते कद को दुनिया पचा नहीं पा रही है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया जिन मुख्य समस्याओं से जूझ रही है, उनमें ऋण, एसडीजी (सतत विकास लक्ष्य) संसाधन, जलवायु परिवर्तन से निपटने संबंधी कार्रवाई से जुड़े संसाधन, डिजिटल पहुंच, पोषण और लैंगिक मामले शामिल हैं। जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उचित कहा कि ‘‘आइए, पहले उन लोगों से बात करें जो वार्ता की मेज पर नहीं होंगे, आइए जानें कि उन्हें क्या कहना है’’ और इसलिए भारत ने ‘वॉइस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट-2023’ का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन की मेजबानी ने भारत को ‘‘यह कहने के लिए प्रमाणिक और अनुभव पर आधारित आधार दिया’’ कि ‘‘हमने 125 देशों से बात की है और ये बातें उन्हें वास्तव में परेशान कर रही हैं और यही कारण है कि हमें इन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।’’ (भाषा)

यह भी पढ़ें

UNGA में बजा भारत का डंका, भूटान ने कहा-कोविड के दौरान 100 देशों को Vaccine देना हिंदुस्तान की सबसे बड़ी मानवीय पहल

रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए पोप-फ्रांसिस ने किसको ठहरा दिया जिम्मेदार, हर कोई सुनकर हैरान

Latest World News

India TV पर हिंदी में ब्रेकिंग न्यूज़ Hindi News देश-विदेश की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ें और अपने आप को रखें अप-टू-डेट। US News in Hindi के लिए क्लिक करें विदेश सेक्‍शन

Advertisement
Advertisement
Advertisement