अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सवाल उठ रहे हैं। ट्रंप की नीतियों पर सवाल उठावे वालों में सबसे आगे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हैं। वेंस ने कड़े शब्दों में ट्रंप प्रशासन की विदेश और आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं। वेंस ने साफ शब्दों में लिखा है कि हार का असली कारण युद्ध है। मिडिल ईस्ट में ट्रंप ने जिस तरह से अमेरिकी फोर्सेस को सीधे युद्ध में झोंका उसे वेंस ने मतदाताओं के साथ विश्वासघात करार दिया है।
जेडी वेंस ने की ट्रंप की फैसलों की आलोचना
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि आम जनता युद्ध और विदेशी अभियानों में अमेरिका के अरबों डॉलर और संसाधनों के इस्तेमाल से तंग आ चुकी है। वेंस ने इशारा किया कि ट्रंप सरकार आम अमेरिकी के रोजमर्रा के आर्थिक संकट को हल करने में नाकाम रही है। वेंस ने इस लंबी चौड़ी पोस्ट में लिखा है कि 2024 में जनता ने ट्रंप को इसलिए चुना था ताकि वो विदेशी उलझनों को छोड़कर अमेरिका के अंदरूनी मुद्दों जैसे महंगाई, सीमा सुरक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देंगे। लेकिन ट्रंप सरकार ने अमेरिका फर्स्ट के मूल वादे को दरकिनार कर दिया जिससे मूल रिपब्लिकन वोटर नाराज होकर विपक्ष के साथ चला गया। वेंस ने लिखा कि जिन्होंने 2024 में ट्रंप के पक्ष में वोट डाले थे वो इस बार प्रशासन के फैसलों से इतने नाराज थे कि उन्होंने जानबूझकर डेमोक्रेट्स को वोट दे दिया। उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस की नाराजगी की एक वजह ये है कि अगली बार रिपब्लिकन की तरफ से राष्ट्रपति पद के मजबूत उम्मीदवार हो सकते थे लेकिन मिड टर्म पोल में हार में उनके लिए ये राह मुश्किल कर दी है।
नया राजनीतिक गठबंधन तैयार करने में जुटे वेंस
मिडटर्म चुनावों में हार के बाद रिपब्लिकन पार्टी और खुद व्हाइट हाउस के भीतर अंदरखाने घमासान शुरू हो गया है। फॉक्स न्यूज़ के हवाले से खबर है कि बुधवार सुबह व्हाइट हाउस में एक अहम बैठक हुई जिसका मकसद यह तय करना था कि मिड-टर्म चुनावों में पार्टी की करारी हार के बाद सरकार जनता के सामने क्या सफाई देगी लेकिन इस बैठक के ठीक बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक्स पर एक ऐसा पोस्ट कर दिया जो विदेश नीति के मामले में सीधे तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से अलग था। US मीडिया के मुताबिक चुनाव में पार्टी की बुरी हालत होने के बाद जेडी वेंस अब उन वोटरों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं जो ट्रंप से नाराज हो चुके हैं। इसके लिए वे 'न्यू राइट' यानी दक्षिणपंथी राजनीति के एक नए धड़े के साथ मिलकर एक नया राजनीतिक गठबंधन तैयार करने में जुट गए हैं। वेंस का मैसेज उन लोगों के लिए है जो पारंपरिक रूढ़िवादी राजनीति से हटकर सोचते हैं। इसमें सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अमेरिका के इजरायल के साथ संबंधों की समीक्षा की जाए और जरूरत पड़े तो उसे बदला जाना चाहिए। कुल मिलाकर इस खबर के बाद सीधी सीधे ये अटकलें लग रही हैं कि व्हाइट हाउस के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडटर्म इलेक्शन में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बावजूद ईरान पर सैन्य कार्रवाई के अपने फैसले को सही करार दिया है। चुनाव में हार के बाद मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने भी माना कि ईरान युद्ध की वजह से पेट्रोल महंगा हुआ जिससे पहले से महंगाई से परेशान लोगों पर बोझ बढ़ा और चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान हुआ। इसके बावजूद ट्रंप ने कहा कि अगर उन्हें फिर से यही फैसला लेना पड़े तो वह दोबारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करेंगे।
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