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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मिड टर्म चुनाव में पार्टी की हार के लिए ईरान युद्ध को ठहराया जिम्मेदार, इजरायल का भी किया जिक्र

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Nov 04, 2026 11:03 pm IST,  Updated : Nov 04, 2026 11:19 pm IST

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रिपब्लिकन पार्टी की मध्यावधि हार के लिए ईरान में चल रहे युद्ध को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि युद्ध की वजह से महंगाई बढ़ी। इससे लोग नाराज चल रहे थे।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस- India TV Hindi
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस Image Source : X@JDVANCE

वाशिंगटनः मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स द्वारा रिपब्लिकन्स को बुरी तरह हराने के कुछ घंटों बाद उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने अपनी पार्टी की हार के लिए ईरान के साथ अमेरिका के युद्ध को लेकर अमेरिकियों की नाराजगी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध की वजह से तेल की कीमतें और बढ़ गई हैं, जबकि पहले से ही महंगाई काफी ज्यादा है। 

एक्स हैंडल पर किया ये पोस्ट

वेंस ने 'X' पर एक लंबी पोस्ट में कहा, "हमारी हार की वजह यह युद्ध है। कल रात खुद राष्ट्रपति ने भी यही बात कही थी।" वेंस ने एक्स पर लिखा, मंगलवार को चुनाव से पहले मैं वैसे ही निराश था, लेकिन इस बात ने मुझे भी चौंका दिया। उनके सर्वे में दिखा कि 2024 में ट्रम्प को वोट देने वाले कई लोग नाराज़ थे और डेमोक्रेट्स को वोट देने का मन बना चुके थे। उन्होंने उन लोगों से पूछा जो हमसे दूर हो गए थे कि वे वापस हमारी टीम में कैसे आ सकते हैं। लगभग सभी जवाबों में से चार मुख्य बातें सामने आईं-

  •  युद्ध खत्म करना
  •  जीवन-यापन की लागत/महंगाई पर ध्यान देना
  •  अमेरिका फर्स्ट' (अमेरिका को प्राथमिकता) की नीति अपनाना
  •  इज़राइल के साथ हमारे संबंधों में बदलाव लाना

जेडी वेंस ने कहा कि हमारे मतदाता बड़ी संख्या में वोट डालने आए। इन्हीं चार कारणों से उनमें से कई लोगों ने डेमोक्रेट्स को वोट दिया। यह बात एक ऐसे पोलस्टर (सर्वे करने वाले) ने बताई है, जिसके नतीजे बिल्कुल सटीक रहे। अगर आप यह तर्क देना चाहते हैं कि यह सब ठीक हुआ यानी अगले 6 सालों के लिए सीनेट में हार जाना युद्ध की कीमत चुकाई गई तो बेशक ऐसा तर्क दे सकते हैं। आप इसे एक उचित वजह मान सकते हैं। आप इससे सहमत हों या असहमत, कम से कम यह एक ईमानदारी की बात तो होगी।"  

ट्रंप की पार्टी की हुई बुरी हार

बता दें कि मिड टर्म पोल के रिजल्ट प्रेसिडेंट ट्रंप के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। US कांग्रेस पर ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का कंट्रोल अब खत्म हो गया है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिका के दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की 435 सीटों में डेमोक्रेट्स 231 सीट जीत चुके हैं, जबकि मेजॉरिटी के लिए सिर्फ 218 सीटों की जरूरत होती है। ट्रंप की पार्टी को अब तक सिर्फ 140 सीटों पर जीत मिली है। सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं। अब तक 33 सीटों के रिजल्ट डिक्लेयर हो चुके हैं। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 20 और रिपब्लिकन पार्टी ने 13 सीटें जीती हैं।

अब तक की स्थिति के मुताबिक सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं। चुनाव में डेमोक्रेट्स ने उन राज्यों में भी जीत दर्ज की है जहां लंबे समय से रिपब्लिकन का दबदबा रहा है। कैन्सस में 94 साल बाद पहली बार डेमोक्रेटिक पार्टी जीती। टेक्सस में 1988 के बाद पहली बार डेमोक्रेटस ने रिपब्लिकन को हराया। साउथ कैरोलाइना में 1998 के बाद पहली बार डेमोक्रेट कैंडिडेट जीता। इस चुनाव में वो रिपब्लिकन कैंडिडेट भी बुरी तरह से हारे हैं, जिनके लिए खुद ट्रंप ने जमकर प्रचार किया था। नतीजे आने के बाद रिपब्लिकन पार्टी के कई नेताओं ने हार के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया लेकिन ट्रंप ने कहा कि कैंडिडेट्स का सिलेक्शन अच्छा नहीं था। कमजोर कैंडिडेट्स के कारण हार हुई।

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