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'लिखकर दो कि रास्ते में गोली नहीं मारोगे', एनकाउंटर के डर से कांपा कैदी, बोला- योगी ने कौन सी बूटी सुंघाई है

 Published : Mar 14, 2023 06:54 am IST,  Updated : Mar 14, 2023 09:13 am IST

योगीराज में पुलिस यूपी में अपराध की रोकथाम के लिए अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। आलम यह है कि योगी राज में अब तो जेल में बंद अपराधी पेशी पर जाने और यहां तक कि अस्पताल में इलाज के लिए जाने से भी कतरा रहे हैं।

एनकाउंटर के डर से कैदी...- India TV Hindi
एनकाउंटर के डर से कैदी ने किया हंगामा Image Source : TWITTER

हरदोई: एक तरफ यूपी पुलिस और STF उमेश पाल के हत्यारों की तलाश में जुटी है वहीं, दूसरी तरफ जो बदमाश पुलिस की हत्थे चढ़े हैं उनमें कानून का इतना खौफ है कि अब वो जेल जाने, पेशी पर जाने और यहां तक कि अस्पताल में इलाज के लिए जाने से भी कतरा रहे हैं। हरदोई जिला जेल में बंद एक कैदी ने सोमवार को ट्रामा सेंटर पर जमकर हंगामा किया। कैदी रिजवान को डायलिसिस के लिए मेडिकल कॉलेज लाए गया था लेकिन रिज़वान ने डायलिसिस कराने से ही इनकार कर दिया। इतना ही नहीं वो अस्पताल से पुलिस के साथ जाने के लिए राजी नहीं था। रिजवान का कहना है कि सीएम योगी ने न जाने कौन सी बूटी सुंघा दी है कि पुलिस पैर पर ही गोली मारती है।

सीएम योगी के आदेश से खौफ में माफिया

बता दें कि योगी राज में पुलिस यूपी में अपराध की रोकथाम के लिए अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। आलम यह है कि अब तो जेल में बंद अपराधी भी पुलिसिया कार्रवाई से कांप रहे हैं और इलाज के लिए भी जेल से बाहर आने पर पुलिस से गोली न मारने का वचन ले रहे हैं।

जानें क्या है पूरा मामला
मामला हरदोई जिले के मेडिकल कॉलेज परिसर का है, जहां पुलिस की मौजूदगी में एक कैदी ने जमकर हंगामा किया। कोतवाली पिहानी क्षेत्र में कस्बे के मोहल्ला लोहानी के रहने वाले रिजवान पर आरोप है कि उसने साल 2014 में अपनी पत्नी नाजरा बेगम को घर में एसिड डालकर जला दिया था। एसिड के हमले से नाजरा बेगम गंभीर रूप से झुलस गई थी। नाजरा बेगम की तहरीर पर पुलिस ने रिजवान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

हरदोई मेडिकल कॉलेज में रिजवान ने जमकर किया हंगामा
जमानत पर छूटने के बाद रिजवान फरार हो गया, जिसके चलते कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। करीब 5 महीने पहले कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस के डर से उसने कोर्ट में सरेंडर किया था। रिजवान गुर्दे की बीमारी से ग्रसित है जिसके चलते KGMU लखनऊ के डॉक्टर्स ने उसकी नियमित डायलिसिस की सलाह दी थी। उसे डायलिसिस के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया था जहां डॉक्टरों ने उसे एनीमिक बताया। हरदोई मेडिकल कॉलेज में रिजवान ने जमकर हंगामा किया और डायलिसिस नहीं कराया तब डॉक्टर ने उसे केजीएमयू ले जाने की सलाह दी।

पुलिसकर्मियों के साथ एंबुलेंस में बैठने के लिए तैयार नहीं था रिजवान
केजीएमयू जाने के लिए सिपाही उसको एंबुलेंस में बैठा रहे थे लेकिन रिजवान इतना डरा हुआ था कि वह पुलिसकर्मियों के साथ एंबुलेंस में बैठने के लिए तैयार नहीं था। लिहाजा रिजवान ने हंगामा शुरू कर दिया और पुलिसकर्मियों से गोली ना मारने की गुहार करने लगा। रिजवान ने डरते हुए बोला, ''इन्होंने कहा है कि हम तुम्हें ट्रामा ले जाकर गोली मार देंगे रास्ते में। ये पुलिसवाला मौजूद खड़ा हुआ है यहां पर... अब इनसे पूछो क्यों गोली मार देगा मुझको... इनसे पूछो क्यों गोली मारेंगे.. ये हमें लिखित दे दें गोली नहीं मारेंगे, हम ट्रामा सेंटर जाने के लिए तैयार हैं क्योंकि योगी ने न जाने कौन सी बूटी सुंघा दी इनको।''

जेल में बंद कैदियों में एनकाउंटर का डर
आपको बता दें कि रिजवान के अंदर एनकाउंटर का इतना डर था कि इस दौरान जिद पर अड़ गया कि पुलिस उसे लिखकर दे कि रास्ते में गोली नहीं मारेगी। पुलिस वाले उसे बार बार समझाने की कोशिश करते रहे लेकिन वो किसी की सुनने को तैयार नहीं था। वह लगातार आरोप लगा रहा था कि पुलिस जेल ले जाने के दौरान उसे गोली मार देगी। वो पुलिस वालों से जेलर के आदेश की कॉपी और मेडिकल के पेपर मांगने लगा। उसकी जुबान पर बस एक ही लाइन थी- पुलिस वाले मेरा एनकाउंटर कर देंगे।

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पुलिसकर्मियों ने उसे काफी समझाया और आश्वस्त किया कि पुलिस उसे गोली नहीं मारेगी इसके बाद भी वह केजीएमयू ले जाने वाले पुलिसकर्मियों के साथ नहीं गया और कोतवाली शहर पुलिस की जीप में बैठकर जिला कारागार चला गया।

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