बिहार के बगहा में रविवार को खेत जाने के दौरान एक महिला पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। घटना सिरसिया-नौरंगिया थाना क्षेत्र की है। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेत में काम कर रहे ग्रामीण दौड़े। इसी दौरान असलम बैठा ने अपनी जान की परवाह किए बिना लाठी-डंडे के सहारे मगरमच्छ का सामना किया।
मुंह में दबाकर नीचे की ओर खींच रहा था मगरमच्छ
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मगरमच्छ महिला को मुंह में दबाकर नहर की ओर खींच रहा था, लेकिन असलम बैठा ने साहस का परिचय देते हुए मगरमच्छ पर लगातार प्रहार किया और महिला को उसके जबड़े से छुड़ा लिया।
समय पर महिला की बचाई गई जान
ग्रामीणों का कहना है कि यदि असलम बैठा समय पर नहीं पहुंचते, तो मगरमच्छ महिला को पानी में ले जाता और उसकी जान बचाना मुश्किल हो जाता। घायल महिला की पहचान स्थानीय निवासी जितेंद्र मांझी की 35 वर्षीय पत्नी बासमती देवी के रूप में हुई है।
प्राथमिक इलाज के बाद बेतिया रेफर
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घायल महिला को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल, बगहा भेजा गया। अनुमंडलीय अस्पताल के डॉक्टर पुष्पराज ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया।
मगरमच्छ एक व्यक्ति की ले चुका है जान
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी मगरमच्छ ने कुछ समय पहले भी एक व्यक्ति पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से मगरमच्छ को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने तथा नहर किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
आसपास के खेतों पर भी भरा पानी, लोगों को है डर
नदी किनारे छोटे-छोटे बच्चे और चरवाहे भी घूमते रहते हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अभी नदी के पास न जाने की सलाह दी है। बारिश के चलते नदी के आसपास खेतों पर भी पानी भरा हुआ है। ऐसे में लोगों को मगरमच्छ के हमले का डर लगातार बनाए हुए हैं।
अमित कुमार की रिपोर्ट
ये भी पढ़ें:
बगहा में दहेज हत्या का आरोप, बेड पर मिला शव, 2 महीने पहले हुई थी शादी