पटना: बिहार की सियासत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद की नेता राबड़ी देवी को एक हफ्ते में बंगला खाली करने के लिए नोटिस मिला है। अगर इस दौरान बंगला खाली नहीं किया गया तो कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि राबड़ी देवी को भवन निर्माण विभाग ने नोटिस दिया है।
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नए सरकारी बंगले में शिफ्ट होने वाली हैं राबड़ी देवी
हालांकि हालही में ये बात सामने आई थी कि राबड़ी देवी जल्द ही 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास छोड़कर 39 हार्डिंग रोड स्थित नए सरकारी बंगले में शिफ्ट होंगी। लेकिन इस बंगले को लेकर एक चौंकाने वाली बात ये भी थी कि इसके अंदर एक मजार भी है। पहले भी जो लोग इस बंगले में रहे, उन्होंने इस मजार को नहीं हटाया। बताया जाता है कि मजार पुरानी है और कई सालों से इस बंगले के अंदर है।
इससे पहले मई 2026 के आखिर में भी राबड़ी देवी को पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को खाली करने के लिए सरकार ने 15 दिन की मोहलत दी थी। लेकिन इस मामले ने सियासी तौर पर काफी तूल पकड़ा था। दरअसल राबड़ी देवी लंबे समय से वर्तमान आवास में रह रही हैं।
राबड़ी देवी के बंगला विवाद पर सीएम सम्राट चौधरी का सामने आया था बयान
राबड़ी देवी के बंगला विवाद पर सीएम सम्राट चौधरी का भी बयान सामने आया था। सीएम सम्राट ने कहा था कि "कुछ लोगों को सरकारी आवास का मोह है। बेटा अलग घर चाहता है, माता जी अलग घर चाहती हैं और पिताजी अलग घर चाहते हैं। जिस दिन पार्टी और हमारे नेता कह देंगे कि आपका काम यहीं समाप्त होता है, मैं 24 घंटे के भीतर अपना झोला उठाकर वहां से चला जाऊंगा। सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को धन्यवाद कहते हुए कहा कि मैं 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री बना और 1 मई को नीतीश जी ने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया और दूसरे घर में चले गए। इसके लिए मैं नीतीश जी को धन्यवाद कहना चाहता हूं।"
सम्राट चौधरी ने कहा था, "कुछ लोगों को चिंता लगी रहती है कि हमारा घर बचा रहे। मैं पिछले 10 वर्षों (2016-2026) तक कई बार मंत्री बना, उपमुख्यमंत्री बना, गृहमंत्री भी रहा, लेकिन मैं सरकारी घर में नहीं रहता था। मात्र 2400 स्क्वायर फीट के घर में रहता था। मैं 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री बना और 1 मई को नीतीश जी ने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया और दूसरे घर में चले गए। इसके लिए मैं नीतीश जी को धन्यवाद कहना चाहता हूं।"
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