पटना: मैथिली भाषा को लेकर बड़ी घोषणा की गई है। दरअसल, सीएम सम्राट चौधरी ने अगले शैक्षणिक सत्र से माध्यमिक स्तर पर मैथिली को CBSE के पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्णय की सराहना की। बता दें कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026-27 सत्र से माध्यमिक स्तर पर मैथिली को एक विषय के रूप में शुरू करने का निर्णय लिया है। बता दें कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीबीएसई के इस निर्णय की सराहना की है और इसे अपनी मातृभाषा, संस्कृति और जड़ों से जुड़ने का सशक्त माध्यम बताया।"
सीएम ने बताया ऐतिहासिक फैसला
सीएम सम्राट चौधरी ने शिक्षा प्रणाली के माध्यम से मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से उठाए गए इस कदम को "ऐतिहासिक" और "अत्यंत प्रशंसनीय" बताया। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मातृभाषा मैथिली को शिक्षा व्यवस्था में सशक्त स्थान दिलाने की दिशा में लिया गया यह निर्णय ऐतिहासिक एवं अत्यंत स्वागतयोग्य है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर तक मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता मिलना मिथिला की सांस्कृतिक अस्मिता और भाषाई गौरव के लिए गर्व का विषय है।"
भारतीय भाषाओं को मिल रही नई मजबूती
सम्राट चौधरी ने इस निर्णय को मैथिली भाषा के लिए नई पहचान और सम्मान प्रदान करने वाला बताया। उन्होंने इसकी सराहना करते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा, संस्कृति और जड़ों से जुड़ने का माध्यम बनेगी। सीएम ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, "PM मोदी के नेतृत्व में भारतीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को निरंतर नई मजबूती मिल रही है। यह निर्णय न केवल मैथिली भाषा को नई पहचान और सम्मान देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा, संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनेगा।"
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