बिहार के औरंगाबाद जिले के जम्होर थाना क्षेत्र से 16 जुलाई 2026 से लापता 72 वर्षीय वृद्ध राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता का शव रविवार दोपहर पवई स्थित बटाने नदी से बरामद किया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण वृद्ध की जान गई।
नहीं दर्ज की गई गुमशुदगी की रिपोर्ट
मृतक राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता जम्होर के कपड़ा व्यवसायी थे। 16 जुलाई को घर से लापता होने के बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की। शाम को गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने जब परिजन जम्होर थाना पहुंचे तो आवेदन नहीं लिया गया और उन्हें सभी जगह खुद ढूंढने की बात कही गई।
भटकती हालत में मिले थे राजेंद्र प्रसाद
परिजनों ने बताया कि 16 जुलाई की रात ही डायल 112 की पुलिस ने राजेन्द्र प्रसाद को भटकती हालत में बरामद किया था। उनका पूरा विवरण लेकर उन्हें नगर थाने के सुपुर्द कर दिया गया। लेकिन न तो डायल 112 की पुलिस ने और न ही नगर थाने की पुलिस ने इस संबंध में परिजनों को कोई सूचना दी।
शनिवार को नदी में मिला शव
आरोप है कि 17 जुलाई की सुबह राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता पुलिस की मौजूदगी में ही नगर थाने से निकल गए। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला और शनिवार को उनका शव बटाने नदी में मिला।
परिजनों ने जताई नाराजगी
रविवार की शाम साढ़े पांच बजे सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिल जाती तो आज राजेन्द्र प्रसाद जीवित होते। परिजनों ने डायल 112, जम्होर थाना और नगर थाना के पुलिसकर्मियों की लापरवाही को मौत का कारण बताया।
पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
मौके पर पहुंचे जम्होर थानाध्यक्ष सूर्यवीर गुप्ता और नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा को परिजनों ने लताड़ लगाई। जम्होर निवासी जितेन्द्र प्रसाद गुप्ता और भाजपा व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता जितेन्द्र गुप्ता ने इसे घोर लापरवाही बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, शव के पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस संबंध में दोनों थानाध्यक्ष कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
किशोर प्रियदर्शी की रिपोर्ट
ये भी पढ़ें:
सीतामढ़ी में बागमती नदी में पलटी 40 यात्रियों से भरी नाव, मची चीख-पुकार, हादसे का VIDEO आया सामने