बिहार के सुपौल जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जिले के लाल मोहम्मद इजहार ने इतिहास रचते हुए IPL के मिनी ऑक्शन में मुंबई इंडियंस टीम का हिस्सा बनने में कामयाबी हासिल कर ली है। एक समय गांव के खेत के खाली मैदान में नंगे पांव गेंदबाज़ी करने वाला एक सामान्य सा लड़का IPL जैसे दुनिया के बड़े मंच पर पहुंच गया है। सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड के ठूठी गांव से निकला मोहम्मद इजहार का यह सफर सिर्फ क्रिकेट की जीत नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और सपनों की जिद की कहानी है। आर्थिक तंगी, संसाधनों की कमी और हालात की मार के बावजूद इजहार ने हार नहीं मानी और आज मुंबई इंडियंस की जर्सी पहनकर पूरे सुपौल जिले को गर्व से भर दिया है।
मुंबई ने इजहार को 30 रुपये में खरीदा
सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड अंतर्गत ठूठी गांव के लाल,स्थानीय निवासी शिक्षक मोहम्मद सलाउद्दीन के बड़े बेटे मोहम्मद इजहार का चयन IPL में मुंबई इंडियंस की टीम में हुआ है। मुंबई इंडियंस ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा है। जैसे ही उनके चयन की खबर सुर्खियां बनीं, पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने कहा कि सुपौल के बेटे को आखिरकार उसके सपनों की मंज़िल मिल गई। मोहम्मद इजहार ने एक तरह से इतिहास रच दिया है। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं रहा। गरीबी, संघर्ष और माता-पिता की सख्ती के बीच उन्होंने अपने सपने को जिंदा रखा। बेहद साधारण परिवार से आने वाले इजहार का जीवन संघर्षों से भरा रहा है।
CSK के साथ भी रहा इजहार का रिश्ता
इजहार लेफ्ट आर्म फास्ट बॉलर हैं। इससे पहले 2025 IPL में वे चेन्नई सुपर किंग्स के साथ नेट बॉलर के रूप में जुड़े थे। एक बहन और दो भाइयों में सबसे बड़े इजहार को बचपन से पढ़ाई में खास दिलचस्पी नहीं थी। परिवार जब उन्हें स्कूल भेजता, तो वे गांव के खेतनुमा मैदान में क्रिकेट खेलने लग जाते थे। इजहार के साथ बचपन बिताने वाले उनके चचेरे भाई मोहम्मद सरफराज बताते हैं कि इजहार पढ़ाई के बहाने गांव के मैदान में जाकर घंटों क्रिकेट खेलते थे। इसको लेकर माता-पिता से उन्हें पिटाई भी पड़ती थी। जब माता-पिता ने देखा कि उसमें क्रिकेट के प्रति जबरदस्त जुनून है, तो उन्होंने उसका विरोध करने के बजाय उसे आगे बढ़ाने का फैसला किया और पूरा सहयोग दिया।
इजहार अंडर-19 और अंडर-23 स्तर पर भी खेल चुके
परिवार के समर्थन से इजहार ने क्रिकेट में लगातार मेहनत की और बिहार स्तर पर स्टेट लेवल से खेलना शुरू किया। हाल ही में उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के खिलाफ उन्होंने डेब्यू किया, जबकि मध्य प्रदेश के खिलाफ शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 4 विकेट झटके, जिससे सभी का ध्यान उनकी ओर गया। तभी यह साफ हो गया था कि इजहार अब अपनी मंज़िल से दूर नहीं हैं। 21 वर्षीय इजहार अंडर-19 और अंडर-23 स्तर पर भी खेल चुके हैं। घरवालों के अनुसार, उनका चयन 2019-20 में स्टेट लेवल पर हुआ था, जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे हैं इजहार
इजहार की प्राथमिक शिक्षा गांव की सीमा से सटे अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड स्थित हनुमाननगर के प्राथमिक विद्यालय,अब्दुल मजीद टोला से हुई। इसके बाद उन्होंने अंचरा गांव के एक संकुल स्तरीय विद्यालय से माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की। वर्तमान में वे वीरपुर स्थित एक कॉलेज से स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई कर रहे हैं। इजहार के पिता मोहम्मद सलाउद्दीन हनुमाननगर के उसी प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि उनका बेटा एक दिन देश स्तर पर खेलेगा और भारत का नाम रोशन करेगा।परिवार और जिले के लोगों को मोहम्मद इजहार से बड़ी उम्मीदें हैं। सभी चाहते हैं कि वह और बेहतर प्रदर्शन करे और भविष्य में भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनकर देश का नाम रोशन करे। (रिपोर्ट: संत सरोज)