पटना: लालू प्रसाद यादव के "कबाब मंत्री" के नाम से जाने जाने वाले पूर्व MLC अनवर अहमद का निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे थे। मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। अनवर अहमद पटना के सब्ज़ीबाग इलाके में रहते थे। नब्बे के दशक में जनता दल से जुड़े। लालू प्रसाद यादव ने इन्हें विधान परिषद भी भेजा। बिहार अवामी को-ऑपरेटिव बैंक के लंबे अर्से तक चेयरमैन भी रहे। इनके बेटे असफर अहमद सब्जीबाग से वार्ड काउंसलर हैं।
क्यों कहा जाता था 'कबाब मंत्री'?
RJD के पूर्व एमएलसी अनवर अहमद को लालू प्रसाद यादव का 'कबाब मंत्री' कहा जाता था। 90 के दशक में जब लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे, तब अनवर अहमद को यह नाम इसलिए दिया गया था, क्योंकि अनवर मांसाहारी भोजन और खास तौर पर कबाब के बहुत बड़े शौकीन लालू प्रसाद यादव के लिए लजीज मांसाहारी भोजन का खास इंतजाम करते थे।
दो बार सीएम रहे लालू यादव
बता दें कि लालू प्रसाद यादव बिहार के दो बार मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने साल 1990 से 1997 तक बिहार की कमान संभाली थी। वे पहली बार 10 मार्च 1990 को मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद साल 1995 के चुनावों में भारी बहुमत जीतकर वे 4 अप्रैल 1995 को दूसरी बार बिहार के मुख्यमंत्री बने।
लालू यादव को क्यों देना पड़ा इस्तीफा?
हालांकि, उनका यह दूसरा कार्यकाल पूरा नहीं हो सका, क्योंकि इसी दौरान बिहार का बहुचर्चित 'चारा घोटाला' सामने आ गया। इस घोटाले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी की नौबत आने पर लालू यादव को 25 जुलाई 1997 को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। इस्तीफा देने से ठीक पहले उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नाम की नई पार्टी बनाई और मुख्यमंत्री की कुर्सी अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सौंप दी।
तीन बार सीएम रहीं राबड़ी देवी
इस तरह लालू यादव खुद तो सिर्फ 2 बार ही मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उनके और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के कार्यकाल को मिलाकर इस परिवार ने बिहार पर लगातार लगभग 15 सालों तक राज किया। राबड़ी देवी बिहार की कुल 3 बार मुख्यमंत्री रही हैं और वे बिहार के इतिहास की पहली और अब तक की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री हैं।
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