बिहार के मोतिहारी से नाबालिग लड़की को कथित तौर पर 70 हजार में खरीदकर यूपी ले जाने का मामला सामने आया है। पिपराकोठी थाना पुलिस ने लड़की को यूपी ले जाने के दौरान दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद ड्यूटी पर तैनात दरोगा संतोष जायसवाल के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए मोतिहारी सेंट्रल जेल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि नाबालिग लड़की के माता-पिता गुजरात में मजदूरी का काम करते हैं। लड़की चकिया थाना क्षेत्र स्थित अपने घर पर भाई के साथ रहती थी। उसकी देखरेख चाचा-चाची भी करते थे। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
लड़की को नशीला पदार्थ खिलाकर लखनऊ ले जा रहे थे आरोपी
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरा मामला पूर्वी चंपारण जिला से जुड़ा है। आरोप है कि चकिया निवासी एक महिला ने फोन पर बातचीत कर उत्तर प्रदेश के दो युवकों को बुलाया और नाबालिग लड़की को 70000 रुपए में बेच डाला गया। इसके बाद दोनों युवक लड़की को भोजन में नशीला पदार्थ देकर बस से उत्तर प्रदेश के लखनऊ ले जा रहे थे। इसी दौरान नाबालिग लड़की को अचानक होश आ गया। बस से उतरने के बाद उसने पुलिस को देख दौड़कर मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने तत्काल लड़की को अपनी सुरक्षा में लिया और दोनों यूपी के युवक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया
आरोपी महिला को ढूंढ रही है पुलिस
पिपरा कोठी थानाध्यक्ष बृजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है मामला नाबालिक लड़की की खरीद-फरोख्त के मामले में यूपी के दो युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इस मामले में पिपाराकोठी थाना में प्राथमिक दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, चकिया निवासी महिला जिस महिला पर 70000 हजार रुपये में बेचने का आरोप है उसकी पहचान की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिला के सेरामु थाना स्थित बादशाह नगर निवासी 30 बर्षीय नीरज कश्यप एवं 35 बर्षीय प्रेम सागर कश्यप के रूप में हुई है।
मोतिहारी से अरविंद कुमार की रिपोर्ट
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