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बिहार में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नहीं होगी कार्रवाई, सरकार ने दिया भरोसा, केस वापस लिए जाएंगे

 Reported By: Nitish Chandra Written By: Niraj Kumar
 Published : Jul 27, 2026 09:56 pm IST,  Updated : Jul 27, 2026 10:19 pm IST

बिहार सरकार ने नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को बड़ी राहत देने का आश्वासन दिया है। सरकार ने कहा है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। दर्ज केस वापस लिए जाएंगे।

Patna- India TV Hindi
पटना में प्रदर्शन की तस्वीर Image Source : PTI

पटना: NEET पेपर लीक को लेकर  जंतर मंतर के बाद बिहार में पटना समेत के कई शहरों में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प हुई थी। वहीं अब इस मामले में बिहार सरकार ने प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत देने का आश्वासन दिया है। सरकार के अनुसार, 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले तक बिहार के किसी भी हिस्से में विरोध प्रदर्शन में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कोई दंडात्मक, प्रतिशोधात्मक या प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस संबंध में गृह विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है।

गिरफ्तार लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा

सरकार ने कहा है कि इस अवधि के दौरान दर्ज सभी प्राथमिकी, परिवाद और कारण बताओ नोटिस को वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी। साथ ही, इन मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों को जल्द रिहा कर दिया जाएगा। इसके साथ ही सरकार की ओर से यह भी आश्वासन दिया है कि 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले दर्ज मामलों में नामित व्यक्तियों के खिलाफ भविष्य में भी कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष कार्रवाई नहीं की जाएगी।

694 लोगों को हिरासत में लिया गया

बता दें कि इससे पहले बिहार पुलिस मुख्यालय ने 25 जुलाई के छात्र आंदोलन और हिंसा को लेकर बयान जारी किया। पुलिस के मुताबिक, राज्यभर में छात्र प्रदर्शन के दौरान पूरे राज्य में कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 339 नाबालिग और छात्रों को सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया। वहीं हिंसक घटनाओं में शामिल 355 लोगों को कोर्ट में पेश किया गया है।

सारण में दो बीडीओ गंभीर रूप से घायल

बयान में बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने 13 सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की तथा एक अन्य सरकारी वाहन में आग लगा दी। हिंसा में घायल होने वालों में सिवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) तथा सिवान और सीतामढ़ी के एक-एक अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) भी शामिल हैं। बयान के मुताबिक सारण जिले में दो प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक की एक आंख चली गई, जबकि दूसरे के सिर में गंभीर चोट आई है। पुलिस मुख्यालय ने बताया कि दोनों बीडीओ का पटना के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। 

तेजस्वी यादव ने दिया अल्टीमेटम

वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से भी प्रदर्शनकारी छात्रों से केस वापस लेने की मांग की गई है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चिट्टी भी लिखी है। तेजस्वी ने इस चिट्ठी में राज्य सरकार से कहा है कि वह प्रदर्शनकारी छात्रों पर लगाए गए केस को वापस ले और उन्हें रिहा करे नहीं तो आंदोलन शुरू होगा। तेजस्वी ने सोशल मीडिया एक्स पर इस चिट्ठी को शेयर भी किया है।

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