पटना: लालू प्रसाद यादव के परिवार में शुरू हुई कलह कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए घर छोड़ दिया था। उन्होंने खुद के साथ मारपीट किए जाने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं अब एक बार फिर रोहिणी आचार्य दर्द सामने आया है। रोहिणी आचार्य ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए अपने और परायों की बात कही है। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि एक बड़ी विरासत को तहस-नहर करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती है।
रोहिणी आचार्य ने परायों का किया जिक्र
रोहिणी आचार्य ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, "बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी "बड़ी विरासत" को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती। "अपने" और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" ही काफी होते हैं। हैरानी तो तब होती है, जब "जिसकी" वजह से पहचान होती है, जिसकी वजह से वजूद होता है, उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर "अपने" ही आमादा हो जाते हैं। जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है... तब "विनाशक" ही आंख-नाक और कान बन बुद्धि-विवेक हर लेता है।"

हाल में छोड़ा था परिवार
बता दें कि हाल ही में लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति और परिवार छोड़ने का ऐलान किया था। रोहिणी आचार्य ने उस समय एक्स पर एक पोस्ट में कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने एक्स पर लिखा, "मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी, करोड़ों रुपए लिए, टिकट लिया तब लगवाई गंदी किडनी..सभी बेटी-बहन, जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा-भाई हो, तो भूलकर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं, अपने भाई, उस घर के बेटे को ही बोलें कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे।"
यह भी पढ़ें-
बिहार: फिल्मी स्टाइल में 50 लाख की लूट, पुल पर घेरकर घटना को दिया अंजाम; आरोपी फरार