भागलपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में गुरुवार को हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। दरअसल, मदीना खातून नाम की महिला ने विकास साह नाम एक युवक का सरेआम कॉलर पकड़ लिया और अपने हक की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। कोर्ट परिसर में अचानक मचे इस बवाल को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई।
महिला ने युवक पर लगाया धोखा देने का आरोप
मदीना का आरोप है कि विकास साह ने उससे प्रेम विवाह किया था और कई वर्षों तक पत्नी की तरह साथ रहने के बाद अब उसे और उसके 2 बच्चों को अपनाने से इनकार कर रहा है। महिला के अनुसार दोनों बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। मदीना ने बताया कि साल 2016 में उसकी शादी कहीं और हो गई थी लेकिन बाद में विकास उसे अपने साथ अलीगढ़ लेकर चला गया। जहां दोनों साथ रहे और उनके बच्चे भी हुए।
महिला का कहना है कि कई वर्षों तक विकास के घर में रहने के बाद अब उसके परिवार वाले 2 लाख रुपये और जमीन की मांग कर रहे हैं। मांग पूरी नहीं होने पर उसे घर से निकाल दिया गया। वहीं, विकास साह ने सभी आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि मदीना पहले से शादीशुदा है और उसे झूठे केस में फंसाया जा रहा है। फिलहाल महिला ने कोर्ट में भरण-पोषण का मामला दर्ज कराया है।
19 थानेदारों पर SSP का बड़ा एक्शन, लापरवाही पर वेतन रोका
वहीं, भागलपुर पुलिस महकमे में लापरवाह थानेदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। काम में फिसड्डी साबित हो रहे 19 थाना प्रभारियों का वेतन रोक दिया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। एसएसपी ने साफ तौर पर कहा है कि थानेदारों और अनुसंधानकर्ताओं के कार्यों का लगातार आकलन किया जा रहा है। जिन अधिकारियों की कार्यशैली और कर्तव्य पालन में लापरवाही सामने आएगी। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने संबंधित थानेदारों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अपने प्रदर्शन में सुधार लाएं।
रिपोर्ट- अमरजीत सिंह