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RBI गवर्नर के अधिकारों को कम करने की तैयारी में सरकार

 Written By: PTI
 Published : Jul 24, 2015 10:59 am IST,  Updated : Jul 24, 2015 11:01 am IST

नई दिल्ली: सरकार ने नीतिगत दर के निर्धारण में रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के निर्णय पर केंद्रीय बैंक प्रमुख के वीटो के अधिकार को वापस लेने का प्रस्ताव किया है। इस प्रस्ताव से

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RBI गवर्नर के अधिकारों को कम करने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली: सरकार ने नीतिगत दर के निर्धारण में रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के निर्णय पर केंद्रीय बैंक प्रमुख के वीटो के अधिकार को वापस लेने का प्रस्ताव किया है। इस प्रस्ताव से रिजर्व बैंक प्रमुख की शक्तियां कम हो सकती हैं।

वित्त मंत्रालय ने भारतीय वित्तीय संहिता आईएफसी के संशोधित मसौदे को आज जारी किया। इसमें यह प्रस्ताव किया गया है कि शक्तिशाली समिति में सरकार के चार प्रतिनिधि होंगे और दूसरी तरफ केंद्रीय बैंक के चेयरपर्सन समेत केवल तीन लोग होंगे। संहिता के मसौदे में रिजर्व बैंक के चेयरपर्सन का उल्लेख और न कि गवर्नर का। फिलहाल रिजर्व बैंक के प्रमुख गवर्नर हैं।

वित्तीय क्षेत्र में बड़े सुधार के इरादे से लाए जा रहे आईएफसी में मौद्रिक नीति समिति का प्रस्ताव किया गया है जिसके पास प्रमुख नीतिगत दर के बारे में निर्णय का अधिकार होगा और खुदरा मुद्रास्फीति पर उसकी निगाह होगी तथा खुदरा मुद्रास्फीति वार्षिक लक्ष्य सरकार हर तीन साल में केंद्रीय बैंक के परामर्श से तय करेगी।

मसौदे में कहा गया है, प्रत्येक वित्त वर्ष के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के संदर्भ में वार्षिक मुद्रास्फीति लक्ष्य का निर्धारण केंद्र सरकार रिजर्व बैंक के परामर्श से तीन-तीन साल में करेगी। इस मसौदे पर लोगों से आठ अगस्त तक टिप्पणी मांगी गई है।

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