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छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल और बेटे चैतन्य को नहीं मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट जाने को कहा

 Reported By: Atul Bhatia Edited By: Shakti Singh
 Published : Aug 04, 2025 01:41 pm IST,  Updated : Aug 04, 2025 02:10 pm IST

सुप्रीम कोर्ट ने भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल को हाई कोर्ट जाने के लिए कहा है। इन दोनों ने गिरफ्तारी के खिलाफ संरक्षण मांगा था। हालांकि, कोर्ट एजेंसियों की शक्तियों के दायरे पर सुनवाई के लिए तैयार है।

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भूपेश बघेल Image Source : PTI

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल ने गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई से इंकार कर दिया और दोनों को हाई कोर्ट जाने को कहा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट एजेंसियों की शक्तियों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार है। इस मामले पर छह अगस्त को सुनवाई होगी। पीएमएलए कानून को लेकर कोर्ट ने कहा कि इस कानून पर सवाल तभी क्यों उठता है, जब कोई रसूखदार गिरफ्तार होता है।

भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में आरोपी हैं। ईडी ने चैतन्य बघेल को इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना है। ईडी के अनुसार 2019-22 के बीच राज्य में 2100 करोड़ का घोटाला हुआ था। इसका पूरा पैसा चैतन्य ने ही मैनेज किया। उन्होंने 16.7 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपनी रियल एस्टेट परियोजना के विकास पर किया।

2100 करोड़ का घोटाला

ईडी का कहना है कि छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कथित घोटाले के कारण राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ। इस घोटाले के जरिए शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों को 2,100 करोड़ रुपये से ज्यादा का लाभ हुआ। ईडी ने इस मामले में अपनी जांच के तहत जनवरी में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा के अलावा अनवर ढेबर, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा (आईटीएस) के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और कुछ अन्य को गिरफ्तार किया था।

18 जुलाई को गिरफ्तार हुए थे चैतन्य

ईडी ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 22 जुलाई को उन्हें अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी से संरक्षण मांगा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट जाने को कहा।

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