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कांकेर के बडेतेवाड़ा गांव में हिंसा भड़कने के बाद मोबाइल नेटवर्क सस्पेंड, ASP समेत 20 से ज़्यादा पुलिसकर्मी घायल

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Dec 19, 2025 10:53 am IST,  Updated : Dec 19, 2025 12:11 pm IST

छत्तीसगढ़ के कांकेर ज़िले में दफ़नाने को लेकर हुए विवाद ने भीड़ की हिंसा और तोड़फोड़ का रूप ले लिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी और आम नागरिक घायल हो गए।

बडेतेवाड़ा गांव में शव दफनाने को लेकर भड़की हिंसा- India TV Hindi
बडेतेवाड़ा गांव में शव दफनाने को लेकर भड़की हिंसा Image Source : ANI

कांकेर जिले के बडेतेवाड़ा गांव में एक बुजुर्ग का शव दफनाने को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों समुदाय एक-दूसरे को मारने लगे और पूरा गांव अखाड़े में तब्दील हो गया। गांव के लोग 70 साल के चमरा राम सलाम की मौत और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पर शक ज़ाहिर किया था और शव को कब्र से निकालने की मांग कर रहे हैं। हिंसा में अंतागढ़ के ASP आशीष बंछोर समेत 20 से ज़्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए।  

भीड़ ने एक प्रार्थना हॉल में तोड़फोड़ की और अंदर रखी चीज़ों में आग लगा दी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस मुद्दे ने गांव में तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी। दो समूहों के बीच टकराव हुआ और पत्थरबाज़ी की घटनाएं हुईं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जरुरी कदम उठाए। संपत्ति को भी नुकसान हुआ। 

आईजी बस्तर ने दी ये जानकारी

आईजी बस्तर पी सुंदरराज ने बताया कि चमरा राम सलाम की मौत 16 दिसंबर को हुई थी। आमाबेड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के बड़ेतेवड़ा गांव के सरपंच राजमन सलाम ने अपने पिता के शव को गांव में अपनी निजी जमीन पर दफनाया था। सलाम ने ईसाई धर्म अपना लिया था, लेकिन कुछ ग्रामीणों ने ईसाई रीति-रिवाजों के अनुसार दफन किए जाने पर आपत्ति जताई। अधिकारियों ने बताया कि बड़ेतेवड़ा गांव के निवासी चमरा राम सलाम की 16 दिसंबर को बीमारी के कारण मौत हो गई थी। बाद में उनके बेटे ने अपनी निजी संपत्ति पर अपने पिता के शव को दफना दिया था। उन्होंने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने मौत पर संदेह जताया और शव को बाहर निकालने की मांग करते हुए दफ़न करने का विरोध किया। अधिकारी ने बताया कि उन्होंने आरोप लगाया कि दफ़न स्थानीय पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार नहीं किया गया था। 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गांव में तनाव बढ़ने से रोकने के लिए बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। फिलहाल हालात पुलिस के कंट्रोल में है। 

मोबाइल नेटवर्क बंद

कांकेर के आमाबेड़ा क्षेत्र हिंसा के बाद शनिवार तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। मोबाइल नेटवर्क भी बंद कर दिया गया है। वहीं उस क्षेत्र में लाइट भी काट दी गई। इससे लोग एक दूसरे से संपर्क नहीं कर पाए। कई ग्रामीण जंगल में भटकते रहे।

 

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