छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने दूसरे राज्यों से अवैध रूप से आए प्रवासियों की पहचान के लिए बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान शुरू किया है। सिटी एएसपी लखन पटले की मौजूदगी में शुरू किए गए इस अभियान के तहत 2056 लोगों को एक स्थान पर लाया गया। इसके बाद इनके दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। रेकी और सर्वेक्षण के आधार पर 2056 लोगों की सूची बनाई गई है। इन लोगों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होने के बाद अन्य लोगों को भी जांच के लिए बुलाया जा सकता है।
पुलिस का बयान
रायपुर सिटी एएसपी लखन पटले ने कहा, "हमें कई पुलिस स्टेशनों से सूचना मिल रही थी कि दूसरे राज्यों से लोग यहां रह रहे हैं और काम कर रहे हैं। पुलिस के पास इन सभी लोगों की जानकारी नहीं थी और न ही उनके मकान मालिकों ने पुलिस को उनकी पहचान बताई थी। हमारे कर्मियों द्वारा एक रेकी और सर्वेक्षण किया गया जिसके बाद सभी संदिग्धों को सत्यापन के लिए यहां लाया गया। उनका आधार सत्यापन किया जा रहा है और हम यह जानने के लिए एक फॉर्म भी भरवा रहे हैं कि वे कहां से आए हैं। संदिग्ध पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इससे शहर में अपराध पर लगाम लगेगी। अगर हमें इस प्रक्रिया में कोई फर्जी आधार कार्ड मिलता है, तो जांच की जाएगी और अगर वह व्यक्ति दूसरी राष्ट्रीयता का पाया जाता है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी। करीब 2056 लोगों को यहां लाया गया है।"
अवैध प्रवासी भारत की सुरक्षा के लिए खतराः उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार (27 जनवरी) को कहा कि अवैध प्रवासी देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। राज्यसभा इंटर्नशिप कार्यक्रम के प्रतिभागियों के एक समूह को संबोधित करते हुए धनखड़ ने कहा कि ऐसे लोग भारत के लोकतंत्र के लिए खतरा हैं क्योंकि वे ‘‘हमारी चुनावी प्रणाली को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।’’ एक आधिकारिक बयान में धनखड़ के हवाले से कहा गया, ‘‘अवैध प्रवासी हमारे सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं।’’
उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमें चुनौतियों को देखना होगा। देश के लिए चुनौती यह है कि लाखों अवैध प्रवासी हमारी जमीन पर रह रहे हैं। क्या यह हमारी संप्रभुता के लिए चुनौती नहीं है? ऐसे लोग कभी भी हमारे राष्ट्रवाद से नहीं जुड़े सकते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे हमारी शिक्षा और स्वास्थ्य प्रणाली तथा अन्य सुविधाओं के संसाधनों का उपयोग करते हैं। वे उन नौकरियों में लगे हुए हैं, जो हमारे लोगों के लिए हैं। मैं सरकार में हर किसी से इस पर गंभीरता से विचार करने की अपेक्षा करता हूं। इस समस्या के समाधान में एक दिन की भी देरी नहीं की जा सकती। एक राष्ट्र लाखों अवैध प्रवासियों को कैसे सहन कर सकता है।’’ (इनपुट- एएनआई/पीटीआई)