कोझिकोड: केरल के कोझिकोड जिले के थामरासेरी तालुक अस्पताल में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। इस अस्पताल में एक डॉक्टर पर मचेट यानी कि बड़े से चाकू से हमला किया गया। हमलावर ने हाल ही में अपनी बेटी को अमीबिक मेनिन्जाइटिस (दिमागी बुखार) की वजह से खो दिया था। इस हमले में डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि हमलावर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक, हमले का शिकार हुए डॉक्टर का नाम विपिन है। 40 साल के हमलावर सुनुप ने डॉक्टर विपिन के सिर पर धारदार हथियार से वार किया। घायल डॉक्टर को तुरंत कोझिकोड के बेबी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
आरोपी पर कई धाराओं में दर्ज हुआ केस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनुप को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी को औपचारिक रूप से दर्ज नहीं किया गया है। थामरासेरी पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि सुनुप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 333 (नुकसान पहुंचाने की तैयारी के साथ घर में घुसना), 118(2) (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना), और 109(1) (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, उसके ऊपर केरल हेल्थकेयर सर्विस पर्सन्स एंड हेल्थकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशंस (हिंसा और संपत्ति को नुकसान की रोकथाम) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।
'बेटी की मौत के लिए अस्पताल जिम्मेदार'
पुलिस के मुताबिक, सुनुप ने शुरुआत में तालुक अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। पुलिस द्वारा ले जाए जाने के दौरान सुनुप ने मीडिया से कहा, 'मैं यह हमला राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज, स्वास्थ्य विभाग, और तालुक अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को समर्पित करता हूं।' सुनुप का दावा है कि उसकी बेटी की मौत के लिए अस्पताल जिम्मेदार है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इस हमले को 'हैरान करने वाला और निंदनीय' करार दिया। उन्होंने कहा, 'हमलावर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।'
स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
बता दें कि यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब केरल में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। 2023 में कोट्टारक्करा तालुक अस्पताल में डॉ. वंदना दास की हत्या के बाद इस कानून को और सख्त किया गया था, ताकि डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, और मेडिकल छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस हमले के विरोध में केरल गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (KGMOA) ने गुरुवार को पूरे राज्य में विरोध दिवस मनाने का ऐलान किया है। एसोसिएशन ने मांग की है कि सरकारी अस्पतालों को हाई-सिक्योरिटी जोन घोषित किया जाए, सभी बड़े अस्पतालों में पुलिस चौकियां स्थापित की जाएं, और सशस्त्र पूर्व सैनिकों को सुरक्षा के लिए तैनात किया जाए। (PTI)