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हनी ट्रैप का शिकार हुआ ये किक्रेटर, पहले 60 हजार रुपये दिए; फिर दिया सोने का चेन और अब...

 Edited By: Ravi Prashant
 Published : Nov 06, 2022 08:10 pm IST,  Updated : Nov 06, 2022 08:10 pm IST

आपने सुना होगा कि हनी ट्रैप का शिकार सेना के जवान होते हैं लेकिन इस बार एक दिल्ली का क्रिकेटर हनी ट्रैप का शिकार हो गया है। लड़के को इस तरह से फंसाया गया है कि वो अंत में पुलिस के पास जाने का फैसला किया।

हनी ट्रैप - India TV Hindi
हनी ट्रैप Image Source : SOCIAL MEDIA

दिल्ली के एक क्रिकेटर हनी ट्रैप का शिकार हो गए हैं। इसी सिलसिले में तीन लोगों को हनी ट्रैपिंग, ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली करने के आरोप में कोलकाता से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को मामले का खुलासा करते हुए यह जानकारी दी। तीनों आरोपियों को शनिवार देर रात गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने क्रिकेटर की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए पीड़ित के नाम का खुलासा नहीं किया। हालांकि,इस सिलसिले में गिरफ्तार किए गए तीन लोगों की पहचान ऋषभ चंदा, सुभोनकर विश्वास और शिव सिंह के रूप में हुई है।

दिल्ली से कोलकत्ता गया था

वही संबंधित जांच अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि हनी ट्रैपिंग रैकेट का मास्टरमाइंड अभी भी फरार है और पुलिस उसे ट्रैक करने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने अभी फरार आरोपी की पहचान का खुलासा नहीं किया। जानकारी के मुताबिक क्रिकेटर अक्टूबर के अंत में कोलकाता में हुए मैचों में शामिल होने दिल्ली से आया था और साल्ट लेक इलाके के एक पॉश होटल में ठहरा था। जहां एक डेटिंग ऐप के जरिए वह आरोपी के संपर्क में आया, जहां उसे कुछ लड़कियों में से एक के साथ अपनी पसंद से संबंध बनाने की बात कही गई।

लड़की ने बनाया वीडियो
1 नवंबर को वह बिधाननगर सिटी पुलिस के अंतर्गत आने वाले बागुईआटी इलाके के एक बस-स्टॉप पर चार आरोपियों से मिला, जिसमें 3 गिरफ्तार और एक फरार आरोपी शामिल हैं। वहां पीड़ित को कुछ तस्वीरें दिखाई गईं और उनमें से चुनने के लिए कहा गया। एक का चयन करने के बाद, उसे उससे मिलवाया गया। लेकिन वह इस बात से अनजान था कि जब वह लड़की के साथ समय बिता रहा था, तो गुप्त रूप से सारी रिकॉर्डिंग की जा रही थी।

फिर हुआ ब्लैकमेलिंग शिकार
इसके बाद उसी दिन चारों आरोपियों ने पीड़ित से संपर्क किया, उसे वीडियो दिखाया और मोटी रकम की मांग की। अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए पीड़ित ने तुरंत नेट बैंकिंग के माध्यम से आरोपियों के खाते में 60,000 रुपये ट्रांसफर किए और उन्हें अपनी सोने की चेन और कीमती मोबाइल फोन भी सौंप दिया। हालांकि, जैसे ही उसे पैसों के और कॉल आने लगे, तो वह परेशान हो गया और आखिरकार 2 नवंबर को उसने स्थानीय बागुईआटी पुलिस स्टेशन से संपर्क किया और मामले की पूरी जानकारी दी। पुलिस ने जांच शुरू की और आखिरकार शनिवार को बागुईआटी इलाके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि चौथा आरोपी फरार है।

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