राजधानी दिल्ली के धौला कुआं इलाके में BMW कार ने बाइक सवार दंपत्ति को टक्कर मार दी थी। हादसे में बाइक सवार नवजोत सिंह की मौत हो गई थी और उनकी पत्नी घायल हो गई थी। मृतक नवजोत सिंह वित्त मंत्रालय में सीनियर अधिकारी थे। इस मामले में आरोपी महिला गगनप्रीत की जमानत याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट मे सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान गगनप्रीत के वकील ने दावा किया है कि उसकी मंशा थी कि घायल को अच्छा इलाज मिले इसलिए अपने परिचित हॉस्पिटल ले गई। अस्पताल पहुंचाने के बाद भी गगनप्रीत वहीं मौजूद रही अगर उसकी मंशा ठीक नही होती तो वौ फरार भी हो सकती थी।
पुलिस ने 10 घंटे बाद FIR दर्ज क्यों की?
गगनप्रीत के वकील ने पुलिस पर आरोप लगाया कि दस घंटे बाद उसने एफआईआर क्यो दर्ज की, इतनी देर क्यों हुई एफआईआर दर्ज करने में? कोर्ट ने पूछा कि क्या हादसे के वक्त मौत हो गई थी या हॉस्पिटल पहुंचने के बाद मौत हुई? गगप्रीत के वकील ने कहा कि उसने 1:39 पर राहगीर को अपना फोन दिया और PCR कॉल करने को कहा। जबकि घटनाक्रम 1.34 का है।
गगनप्रीत के वकील ने कहा कि CCTV फुटेज के अनुसार पुलिस बताए कि एक्सीडेंट कितने बजे हुआ था। हमने PCR काल 1:38- 1:39 पर किया है, 2:05 पर अस्पताल पहुंच गए थे, वहां बाहर ही वार्ड बॉय खड़े हुए थे। गगनप्रीत के वकील ने कहा जिस अस्पताल में पीड़ित को लेकर गए वह अस्पताल 19 किलोमीटर दूर था, जबकि AIIMS घटनास्थल से 12 किलोमीटर दूर था।
हमने जांच में पूरा सहयोग किया- वकील
गगनप्रीत के वकील ने अपनी दलील पूरी करते हुए कहा कि गगनप्रीत 10 दिन से हिरासत में है। हमने जांच में पूरा सहयोग किया है, मोबाईल फोन, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे ही मांगा गया हमने पुलिस को दिया। आरोपी के परिवार के किसी भी सदस्य पर कोई केस नहीं है यह एक हादसा था।
गोल्डेन आवर को गवां दिया गया- दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने गगनप्रीत की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए दलील रखना शुरू किया और आरोप लगाया कि न्यूलाइफ हॉस्पिटल में आरोपी ने अपने बचाव कि लिए MLC तैयार कराया। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि एक्सीडेंट के मामले मे गोल्डेन आवर बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इन्होंने इतनी दूर ले जाकर उसे गवां दिया। वेकंटेश्वरा हॉस्पिटल, एम्स, सफदरजंग जैसे बडे हॉस्पिटल रास्ते में पड़ते हैं।
इस पूरे मामले पर पटियाला हाउस कोर्ट में अब गुरुवार को दोपहर 2 बजे से सुनवाई होगी।
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